जीप के बोनेट पर युवक को बांधने वाले मेजर को सेना ने दी क्लीन चिट

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Updated on 15 May, 2017 at 5:10 pm

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कश्मीर में जीप के बोनट पर स्थानीय युवक को बांधने के मामले में सेना के मेजर को क्लीन चिट मिल गई है। इस मामले में सेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए थे। आर्मी जीप के बोनेट पर कश्मीरी युवक को बांधने वाले मेजर को न केवल क्लीन चिट मिली है, बल्कि इस तरकीब को अपनाने के लिए उनकी तारीफ भी की जा रही है।

9 अप्रैल को बडगाम में पत्थरबाजों से बचने के लिए 53 राष्ट्रीय राइफल्स ने अपनी जीप के आगे फारूक अहमद डार नाम के शख्स को मानव ढाल के तौर पर बांध दिया था। इस मामले में 13 अप्रैल को 53 राष्ट्रीय राइफल्स के एक मेजर के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था। इसके बाद ही सेना ने कोर्ट अॉफ इन्क्वायरी गठित की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मेजर की अगुआई वाली 5 गाड़ियों में जवान, 12 चुनाव अधिकारी, 9 आईटीबीपी के जवान और दो पुलिसवाले थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर में उपचुनावों के दौरान पत्थरबाजी से बचने के लिए मेजर को यह आइडिया सूझा था। कई जिंदगियां बचाने और समझ-बूझ दिखाने के लिए उक्त मेजर को बधाई भी दी गई है।



आतंकवादियों की शह पर स्थानीय युवक सेना के काफिले पर पत्थरबाजी कर रहे थे, उस वक्त फारूक अहमद डार को जीप की बोनट पर बांध दिया गया था। डार का दावा है कि वह पत्थरबाजी नही कर रहा था, बल्कि मतदान करने निकला था।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा घटना का विडियो ट्वीट किए जाने पर यह वायरल हो गया था। अब्दुल्ला ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की मांग की थी।


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