मैथिली को मिलेगा भारतीय करेन्सी पर स्थान; अब 23 भाषाओं में छपेगी नोट की कीमत

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Updated on 10 Jul, 2016 at 12:11 pm

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अब मैथिली को भी अन्य भारतीय भाषाओं की तरह भारतीय करेन्सी पर स्थान मिलने जा रहा है। भारत सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, अब भारतीय करेन्सी 17 की जगह 23 भाषाओं में छपेगी, जिनमें मैथिली प्रमुख है।

गौरतलब है कि वर्ष 2004 में मैथिली को अष्टम अनुसूचि में शामिल किया गया था।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने नोट पर अंकित होने वाले वाक्यों को आठवीं अनुसूचि में शामिल सभी भाषाओं में लिखने का निर्देश जारी किया है।

वर्ष 2004 में मैथिली के साथ ही मणिपुरी, संथाली, डोगरी के साथ-साथ बोडो भाषा को भी संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल किय गया था।

फिलहाल भारतीय करेन्सी पर नोट की कीमत लिखने में हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा 15 अन्य भाषाओं का इस्तेमाल होता है।

ये भाषाएं हैं असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू।

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हिन्दी और अंग्रेजी का इस्तेमाल नोट के अगले हिस्से तथा अन्य भाषाओं का इस्तेमाल नोट के पिछले हिस्से में किया जाता है।

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