गांधीजी की खास तस्वीरें जो यक़ीनन आपने अभी तक नहीं देखी होगी

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Updated on 12 Jan, 2016 at 8:17 pm

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गांधीजी की यह तस्वीरें यक़ीनन आपने नहीं देखी होंगी। यह तस्वीरें उनके वंशजों में से एक कनु गांधी ने खींची थी जिन्होंने गांधी जी के सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया था। उन्होंने गांधी जी की करीबन 2000 से ज़्यादा तस्वीरें ली थी। यह तस्वीरें दुनिया के सामने नहीं आई। इन तस्वीरों में गांधीजी के निजी जीवन को दर्शाया गया है। कनु ज़्यादातर वक़्त गांधीजी के साथ ही बिताते थे। इस कारण उनके कुछ पलों को उन्होंने अपनी तस्वीरों में कैद किया।

कनु गांधी की ली गई तस्वीरों में से गांधीजी की ज़िंदगी के अंतिम दशक की 92 तस्वीरों को नई दिल्ली स्थित नज़र फाउंडेशन ने एक मोनोग्राफ के रूप में सहेज के रखा है। यहां हम आपको दिखा रहे हैं उन तस्वीरों में से चुनिंदा तस्वीरें जो गांधी जी के जीवन के बारे में बहुत कुछ बयां करती है।

1938 में महाराष्ट्र के सेवाग्राम आश्रम में गांधीजी, जहाँ गांधीजी ने अपने अंतिम 12 वर्ष बिताए थे।

Mahatma Gandhi

1945 में मुंबई स्थित बिरला हाउस में गांधी जी अपना वजन नपाते हुए।

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1940 में सेवाग्राम आश्रम में गांधीजी सिर पर तकिया रखे, धूप से बचते हुए।

mahatma gandhi

 

1938 में गांधी जी की एक यात्रा के दौरान फंसी गाड़ी को कांग्रेस कार्यकर्ता और पठान धक्का देते हुए।

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नवंबर 1938 में अबोटाबाद में गांधी जी अपनी पत्नी कस्तूरबा के साथ।

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मार्च 1939 में गुजरात के राजकोट में तीन दिनों के उपवास के दौरान उनकी बड़ी बहन रालियातबेन और एक रिश्तेदार उनकी सेवा करते हुए।

Mahatma Gandhi

 



1940 में सेवाग्राम आश्रम में एक ईसाई और दलित लड़की के विवाह में सम्मिलित गांधीजी और कस्तूरबा।

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1944 में पुणे के आगा़ ख़ा पैलेस में कस्तूरबा गांधी अपने जीवन के आखिरी चरणों में अचेत अवस्था में लेटी हुई।

Mahatma Gandhi

 

1938 में सुभाष चंद्र बोस और गांधीजी हँसी-मज़ाक के लहज़े में बात करते हुए। 

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1940 में पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में गांधीजी नोबेल पुरस्कार रवीन्द्रनाथ टैगोर के साथ किसी गहरे चिंतन में।

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1945-1946 में दलितों की तत्कालीन दशा से चिंतित गांधीजी असम, बंगाल और दक्षिण भारत की रेल यात्रा कर धन जुटाते हुए।

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1944 में गांधीजी अपनी पत्नी कस्तूरबा के शव के समीप मौन अवस्था में बैठे हुए।

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स्रोत: BBC


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