महाराष्ट्र में पानी के लिए हिंसा की आशंका, जलसंकट से जूझ रहे लातूर में धारा 144 लागू

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Updated on 22 Jun, 2016 at 6:12 pm

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सूखाग्रस्त महाराष्ट्र में पानी के लिए हिंसा की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि जलसंकट से जूझ रहे लातूर जिले में किसी भी तरह के संघर्ष और हिंसा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा यहाँ धारा 144 लागू कर दी गई है।

इसका मतलब यह है कि किसी भी पानी टैंकर के पास एक साथ 5 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। इससे अधिक लोगों की एक साथ उपस्थिति पर प्रशासन उन्हें गिरफ्तार कर सकता है, या अन्य कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, लातूर जिले के कलेक्टर पांडुरंग पॉल ने नगर निगम के 20 बड़े टैंकरों के पास यह निषेधाज्ञा लागू की है, जो 31 मई, 2016 तक लागू रहेगी। धारा 144 सार्वजनिक कुएं, पानी टैंकर चलने वाले रूट और पानी के टैंक के पास लागू रहेगी। पुलिस से इन नियम को सख्ती से पालन के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि लातूर जिला प्रतिवर्ष सूखे की मार झेलने को अभिशप्त है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि यहां पानी के लिए संभावित संघर्ष से बचने के लिए धारा 144 लागू की गई है।



हाल में लातूर जिले में पानी के कई टैंकरों के लूट की घटना सामने आई थी। यही नहीं, कई बार कुओं के पास लगी उग्र भीड़ की वजह से टैंकरों में पानी भरने की दिक्कत सामने आई।

यहां की पांच लाख की आबादी गंभीर जलसंकट से जूझ रही है। लातूर नगर निगम इलाके में 70 और ग्रामीण इलाकों में 200 पानी के टैंकर रोजाना सात चक्कर लगा रहे हैं, इसके बावजूद जलसंकट का समाधान नहीं हो सका है।


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