रेल दुर्घटनाओं के जरिए भारत को अस्थिर करने की साजिश ! महोबा में मिले हैं ट्रेन पटरी काटे जाने के सबूत

author image
Updated on 30 Mar, 2017 at 1:11 pm

Advertisement

उत्तर प्रदेश के महोबा के नजदीक गुरुवार तड़के जबलपुर-महाकौशल एक्सप्रेस (12189) दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें कम से कम 22 लोगों के घायल होने की खबर है। माना जा रहा है कि जबलपुर से निजामुद्दीन जा रही यह ट्रेन जब दुर्घटना का शिकार हुई, उस वक्त इसकी रफ्तार बेहद कम थी। यही वजह है कि लोगों को गंभीर चोट नहीं आई।

महाकौशल एक्सप्रेस दुर्घटना को आतंकवादी कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।


Advertisement

दुर्घटनास्थल पर पटरी के काटे जाने के सबूत मिले हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद गया चरण राजपूत ने महोबा के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी थी कि इस क्षेत्र में रेल दुर्घटना कराने की साजिश की जा रही है। हालांकि, उनकी जानकारी को संज्ञान में नहीं लिया गया था। माना जा रहा है कि अगर इस जानकारी पर त्वरित कार्रवाई की जाती तो शायद रेल हादसा होने से रुक सकता था।

रेल दुर्घटनाएं कहीं भारत को अस्थिर करने की साजिश तो नहीं !



हाल के दिनों में देश के अलग-अलग इलाकों में रेल पटरियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है। मुंबई के नजदीक पिछले एक पखवाड़े में रेल पटरियों से छेड़छाड़ के चार मामले सामने आए हैं। वहीं, कानपुर में हुए भीषण रेल हादसे की वजह भी क्षतिग्रस्त पटरियों को बताया गया था। इसके अलावा पिछले एक महीने में कई स्थानों पर रेल पटरियों को क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले सामने आए हैं, जिनके बारे में समय रहते पता चल गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

कानपुर रेल हादसा मामले में पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई के हाथ होने के सबूत मिले थे। इस मामले में आईएसआई एजेंट शमशुल हुदा को नेपाल से गिरफ्तार किया गया है। शमशुल और उसके साथियों ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने न केवल कानपुर हादसे की साजिश रची, बल्कि वे कुछ अन्य रेल हादसों को अंजाम देने की कोशिशों में भी थे।

कानपुर के पुखरायां के नजदीक हुए 20 नवंबर को हुए रेल हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। एक के बाद एक लगातार हो रही घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस तरह की घटनाओं की साजिश रची जा रही है।

मुंबई के नजदीक तजोला में पटरी के पास मिली थी जिलेटिन की छड़ें।

तजोला स्टेशन के नजदीक रेलवे कर्मचारियों को पटरियों के नजदीक विस्फोटक जिलेटिन की छड़ें मिलीं। इस रूट पर सुबह के वक्त 8 से 10 ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं। रेलवे कर्मचारियों ने जिलेटिन की इन छड़ों को पटरियों के पास बह रहे नाले में डाल दिया और इस बात की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

इसी तरह की एक घटना 1 जनवरी को कानपुर-कासगंज रेल रूट पर मंधना स्टेशन के नजदीक हुई थी।

यहां रेल ट्रैक को काटने की कोशिश की गई थी। 23 जनवरी को बिहार के समस्तीपुर में साठाजगत-दलसिंहसराय स्टेशन के बीच ट्रैक पर पत्थर का स्लैब रखा। वक्त रहते रेल कर्मचारियों को इस बात का पता चल गया और बड़ी दुर्घटना टल गई।

वहीं, पिछले 26 जनवरी को कोडरमा-गिरिडीह रेल रूट पर फिश प्लेट खुलीं मिली थी।

इसी तरह 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से गोंडा जा रही डेमो ट्रेन का इंजन पटरी पर पत्थर से टकराया। बाद में पत्थर रखने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया।

फरवरी महीने में 8 तारीख को पांच स्थानों पर रेल हादसे टल गए। इसी दिन महाराष्ट्र में पनवेल-उरण रूट पर जसई और दापोली स्टेशनों के बीच छह फुट लंबा लोहे का टुकड़ा मिला।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement