ये हैं जादूगरों के कुछ सीक्रेट ट्रिक्स, जिनके सहारे करते हैं ये मैजिक

Updated on 10 Sep, 2018 at 7:09 pm

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जादूगरों का जादू बच्चों को ही नहीं, बल्कि बड़ों को भी आकर्षित करता है। हवा में उड़ता आदमी और हवा से पैसे निकालने सहित ऐसे कई ट्रिक्स हैं, जो लोगों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, असल में ये जादू नहीं, बल्कि हाथ की सफाई  होती है जिसके लिए बहुत प्रैक्टिस की ज़रूरत होती है। चलिए आज हम आपको बताते हैं जादूगरों के छोटे-छोटे ट्रिक्स जिसकी मदद से वो जादू दिखाते हैं।

बॉटमलेस ड्रिंकिंग कप

इस जादू में 4 खाली ग्लास होते हैं। हर ग्लास दूसरे से दोगुना बड़ा होता है। सबसे छोटा ग्लास दूध से भरा होता है और जादूगर जब इसे दूसरे बड़े ग्लास में डालता है, तो वो भी भर जाता है। इसी तरह जब दूध को इससे बड़े ग्लास में डाला जाता है तो वो ग्लास भी भर जाता है। इसी तरह चौथे बड़े ग्लास में डालने पर भी दूध पूरा भर जाता है।

कैसे होता है?

आप सोचते है कि ये जादू है, लेकिन ये जादू नहीं, बल्कि ट्रिक है। चारों ग्लास का साइज़ भले ही अलग होता है, लेकिन इसके अंदर एक सॉलिड प्लास्टिक सिलेंडर फिलिंग होती है, जिसका साइज़ एक ही होता है। यह अलग बात है कि यह दिखता नहीं है। दूध तो सब में इतना ही होता है, लेकिन दिखने में भरा हुआ लगता है, क्योंकि सिलेंडर को कुछ इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि खाली जगह नहीं दिखती।

 

इंसान के ऊपर से ट्रक का गुज़रना

जादूगर सो जाता है और उसके ऊपर से ट्रक चली जाती है, फिर भी उसे कुछ नहीं होता और आप आंखे फाड़कर देखते रह जाते हैं।

कैसे होता है?

इस ट्रिक में जादूगर फिज़िक्स के नियम का पालन करता है। काउंटरवेट जो ट्रक के अंदर होता है, वह ट्रक के संतुलन में बदलाव करता है, जिससे ट्रक के हल्के साइड का पहिया जादूगर को बिना नुकसान पहुंचाए निकल जाता है।

बिना बिजली के बल्ब जलाना

बिना किसी बिजली के कनेक्शन के एक बल्ब जादूगर के हाथों में आते ही जलने लगता है और लोग हैरानी से तालियां बजाने लगते हैं।

 

कैसे होता है?


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दरअसल, बल्ब अपने आप नहीं जलता, बल्कि जादूगर के हाथ में एक छुपा हुआ गैजेट होता है। यह एक साधारण बैटरी वाला फ्लैशिंग एलईटी होता है, जिससे बल्ब जलता है। जादूगर जब चाहे इसे जला और बुझा सकता है, लेकिन लोगों को लगता है कि बल्ब जादू से जल रहा है।

टुकड़ों में बंटा आदमी

इस जादू में लोगों को लगता है कि जादूगर ने अपने-आप को दो टुकड़ों में बांट दिया है।

कैसे होता है?

यह कोई जादू नहीं, बल्कि आंखों का भ्रम होता है। बारीकी से देखने पर पता चलता है कि जादूगर ने अपना पैर अलग नहीं किया है, बल्कि उसके पास प्लास्टिक का पैर होता है। यह जादू करने के लिए बस उसे सही पोज़िशन बनानी होती है और ढीले कपड़े पहनने होते हैं।

आपस में जुड़े हुए रिंग

जादूगर 3 सॉलिड रिंग दिखाता है। बाद में पता नहीं कैसे एक रिंग में बाकी दोनों को जोड़ देता है और फिर जादुई तरीके से अलग भी कर देता है।

कैसे होता है?

दरअसल ये कोई जादू नहीं होता, बल्कि सभी रिंग में थोड़ा-सा गैप होता है जो किसी को दिखता नहीं, क्योंकि उसे वो हाथ से छुपा लेता है और इसी गैप के ज़रिए वो उसे जोड़ता और अलग करता है।

हवा में उड़ता आदमी

कुछ लोगों को लगता है कि ये मेडिटेशन की कोई खास तकनीक है, जिससे आदमी हवा में उड़ने लगता है। आपने बाबा के वेश में जादूगर को देखा होगा की वो बैठे-बैठे ही हवा में उड़ने लगता है।

कैसे होता है?

इस जादू के लिए जादूगर अपने ढीले-ढाले कपड़ों के नीचे खास मेटल से बना यंत्र रखता है, जिसकी मदद से वो जमीन से ऊपर उठ जाता है.

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