मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: स्कूल-कॉलेजों और दफ्तरों में गाया जाए ‘वंदे मातरम’

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Updated on 25 Jul, 2017 at 4:32 pm

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मद्रास हाईकोर्ट ने स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों, प्राइवेट कंपनियों और फैक्ट्रियों में वंदे मातरम के गाने को अनिवार्य किए जाने की बात कही है।

आदेश में न्यायमूर्ति एमवी मुरलीधरन ने कहा कि सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में वंदे मातरम हफ्ते में कम से कम एक बार गाना अनिवार्य होना चाहिए। इसके लिए कोर्ट ने सोमवार और शुक्रवार के दिन का सुझाव भी दिया।

वहीं, आगे कोर्ट ने कहा कि देश के सभी सरकारी दफ्तरों और संस्थानों, निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रीज में महीने में कम से कम एक बार वंदे मातरम बजाया और गाया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति एमवी मुरालीधरन की खंडपीठ ने कहा कि अगर लोगों को राष्ट्रीय गीत बंगाली या संस्कृत भाषा में गाने में दिक्कत होती है, तो राष्ट्रीय गीत को तमिल भाषा में अनुवाद करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

हालांकि, न्यायाधीश ने यह स्पष्ट किया कि किसी कार्यक्रम में किसी शख्स या संस्थान को अगर वंदे मातरम गाने में दिक्कत है, तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा, बशर्ते न गाने की वजह तर्कपूर्ण होनी चाहिए।

गौरतलब है कि ऐसे ही सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर, 2016 को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले बजाए जाना अनिवार्य किया था।

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