“जब आप समोसा के लिए खड़े हो सकते हैं तो राष्ट्रगान के लिए खड़े होने में क्या दिक्कत है?”

Updated on 26 Oct, 2017 at 3:06 pm

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राष्ट्रगान पर राजनीति जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को बजाया जाना जरूरी घोषित किया था। अब एक बार फिर इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट का कहना है कि राष्ट्रगान के समय खड़ा होना जरूरी नहीं है। इस पर अब अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है।

फिल्मकार मधुर भंडारकर इस विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए लोगों से पूछा है कि जब दर्शक समोसा और पॉपकॉर्न के लिए खड़े हो सकते हैं तो राष्ट्रगान के लिए खड़े होने में क्या दिक्कत है?

भंडारकर जानना चाहते हैं कि आखिर इस मुद्दे पर बहस की क्यों हो रही है?

रिपब्लिक टीवी ने भंडारकर के हवाले से बताया हैः



“लोग समोसा और पॉपकॉर्न के लिए 15-20 मिनट तक कतार में खड़े हो सकते हैं, तो वे 52 सेकेन्ड तक राष्ट्रगान के लिए खड़े क्यों नहीं हो सकते? यह हमारा राष्ट्रगान है। हमें इस पर गर्व होना चाहिए और इसका सम्मान करना चाहिए। “

वहीं, समाचार एजेन्सी ANI से बातचीत में भंडारकर कहते हैंः

“मुझे नहीं पता, आखिर यह बहस हो क्यों रही है? आखिर लोग राष्ट्रगान के समय खड़ा क्यों नहीं होना चाहेंगे? मुझे लगता है कि यह एक अच्छा निर्णय था।”

अगर राष्ट्रगान बजता है तो एक अच्छा आदमी जरूर उठ खड़ा होगा।

गायक सोनू निगम कहते हैं कि दुनिया के किसी देश में भी अगर राष्ट्रगान बज रहा हो, तो वहां का नागरिक जरूर उठ खड़ा होता है। यही बात भारत के मामले में भी लागू है। राष्ट्रगान को सम्मान देने के लिए कोई भी अच्छा आदमी उठ खड़ा होगा।


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