बिहार का मधुबनी बना देश का दूसरा सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशन, ये है खासियत

Updated on 3 May, 2018 at 12:27 pm

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मधुबनी स्टेशन पिछले दिनों बेहद चर्चा का विषय बना। मिथिला पेंटिंग से स्टेशन परिसर को सजाया गया। स्थानीय कलाकारों ने श्रमदान कर पूरे स्टेशन को पेंटिंग से संवारा। हालांकि, इस कार्य में रेलवे का भी सहयोग रहा, लेकिन स्थानीय कलाकारों ने ऐतिहासिक रूप से इस कार्य को अंजाम दिया। लिहाजा अब ये स्टेशन एकदम स्वच्छ और दर्शनीय हो गया है।

 

स्थानीय लोगों के साथ-साथ कलाकारों के लिए ये गर्व का विषय है कि मधुबनी स्टेशन को सौदर्यीकरण कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है।

 


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यह पुरस्कार भारतीय रेलवे द्वारा सौन्दर्यीकरण को लेकर किए गए बेहतर कार्य के लिए दिया गया है। मधुबनी को देश के सबसे सुन्दर स्टेशनों में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

 

 

बता दें कि महाराष्ट्र के बल्लारशाह और चंद्रपुर रेलवे स्टेशन सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में शीर्ष पर रहे तो तमिलनाडु के मदुरै स्टेशन व बिहार के मधुबनी स्टेशन को दूसरा स्थान मिला। वहीं तीसरा पुरस्कार संयुक्त रूप से गुजरात के गांधीधाम, राजस्थान के कोटा और तेलंगाना के सिकंदराबाद स्टेशनों को देने की घोषणा हुई है।

 



प्रथम स्थान पर आए स्टेशनों को 10 लाख, द्वितीय स्थान के स्टेशनों को 5 लाख व तृतीय स्थान पर रहे स्टेशनों को 3 लाख की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी।

 

 

दरअसल, भारतीय रेलवे ने देशभर के स्‍टेशनों से नाम आमंत्रित किए थे, जहां सौन्दर्यीकरण के कार्य हुए हैं। इसमें 11 जोन से 62 स्‍टेशनों के नाम आये थे, जिसमें मधुबनी स्टेशन को दूसरा स्थान मिला है।

ज्ञात हो कि पूर्व-मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के मधुबनी रेलवे स्टेशन को वर्ष 2015-16 में देश के सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में शामिल किया गया था। इसके बाद रेलवे और स्थानीय कलाकारों ने मिथिला संस्कृति की झलक को मिथिला पेंटिंग के माध्यम से दीवारों पर उकेरना शुरू किया।

 

आज ये रेलवे स्टेशन आने-जाने वालों को बेहद आकर्षित करता है। साथ ही स्थानीय संस्कृति से लोगों को रूबरू कराता है। बाहर से भी लोग मधुबनी स्टेशन को देखने पहुंच रहे हैं और यह एक मिसाल बन गई है।


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