मधुबनी रेलवे स्टेशन पर बन रही है 8 हजार वर्गफुट की मिथिला पेंटिंग, गिनिज बुक में नाम होगा दर्ज !

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Updated on 7 Oct, 2017 at 10:51 am

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मिथिला क्षेत्र की राजधानी मधुबनी अपने लोककला की वजह से दुनिया भर विख्यात है। मिथिला की सांस्कृतिक विरासत मधुबनी पेंटिंग की वजह से मधुबनी रेलवे स्टेशन का नाम जल्द ही गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है।

दरअसल, मधुबनी रेल स्टेशन पर 8 हजार वर्गफुट के क्षेत्र में मिथिला पेंटिंग का निर्माण किया जा रहा है।

लोककला के मामले में इतनी बड़ी पेंटिंग एक रिकॉर्ड स्थापित कर सकती है। यही वजह है कि इस बात की पूरी संभावना है कि इसका नाम गिनीज बुक में दर्ज हो जाए।

इस कलाकृति को पूरा करने के लिए करीब 100 से अधिक कलाकार लगातार काम कर रहे हैं। इसकी शुरुआत पिछले 2 अक्टूबर को हुई थी। मधुबनी स्टेशन पर उतरने वाले यात्री अब मिथिला क्षेत्र की प्राचीन कला-संस्कृति व परंपरा से रूबरू हो सकेंगे।

मधुबनी जल्द ही देश का पहला रेलवे स्टेशन होगा जो पूरी तरह किसी लोककला से सुसज्जित होगा।

मधुबनी पेंटिंग्स की प्राचीन परंपरा


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मधुबनी पेंटिंग्स का इतिहास काफी पुराना रहा है। मिथिलांचल में मांगलिक कार्यों के मौकों पर घर-आंगन को पेंटिंग्स के माध्यम से सजाने की प्राचीन परम्परा रही है। यह पेंटिंग्स दुनिया भर में प्रसिद्ध होती चली गई। इसके कद्रदानों की संख्या देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर बढ़ती चली गई।

इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह श्रमदान से पूरा किया जा रहा है। इस पेंटिंग अभियान में लगे कलाकारों को पारिश्रमिक के तौर पर कुछ नहीं मिलेगा। इसके बावजूद वे पूरे लगन से मधुबनी को खूबसूरत बनाने में जुटे हुए हैं।

अलग-अलग विषय

8 हजार वर्गफुट की इस विशाल पेंटिंग में मिथिला के लोक नृत्य व त्योहार सहित तकरीबन चार दर्जन विषयों का समावेश है। कलाकारों की अलग-अलग टीम सीता जन्म, राम-सीता वाटिका मिलन, धनुष भंग, जयमाल, कृष्ण लीला, माखन चोरी, कलिया मर्दन, कृष्ण रास, राधा-कृष्ण प्रेमालाप, विद्यापति, ग्रामीण जीवन आदि विषयों पर चित्रण कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों एक सर्वे में मधुबनी रेलवे स्टेशन को देश के सबसे गंदे स्टेशन्स में एक कहा गया था।

 

 

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