मैडम तुसाड्स म्यूज़ियम में दिखेगी ‘अनारकली’ मधुबाला की खूबसूरत मुस्कान

Updated on 26 Jul, 2017 at 5:01 pm

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हिंदी सिनेमा की सबसे हसीन अदाकारा को दुनिया से विदा हुए कई साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी खूबसूरत मुस्कान को लोग अब तक नहीं भूल पाए हैं। यदि आप भी मधुबाला के फैन हैं, तो ये खबर पढ़कर खुशी से उछल जाएंगे। दरअसल, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के साथ अब हसीन मधुबाला के मोम का पुतला जल्दी ही मैडम तुसाड्स म्यूजियम में लगेगा। पहली बार क्लासिकल दौर की किसी हस्ती को यहां जगह दी जा रही ह।.

वैसे तो मधुबाला ने कई हिट फिल्में की है, मगर आज भी उन्हें फिल्म मुगले आज़म में अनारकली के रोल के लिए याद किया जाता है। उनके मोम का पुतला भी इसी किरदार से प्रेरित होगा। मधुबाला के मोम का पुतला दिल्ली के जिस मैडम तुसाड्स म्यूज़ियम में रखा जाएगा वह यह मूल रूप से लंदन में स्थित मैडम तुसाड्स म्यूज़िम की 22वीं शाखा है।


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मधुबाला न सिर्फ़ बेहद खूबसूरत थी, बल्कि बेहतरीन अदाराका भी थीं। उनकी अभिनय प्रतिभा, व्यक्तित्व और खूबसूरती को देखकर कहा जाता है कि वह भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महान अभिनेत्री थी। मधुबाला के बचपन का नाम ‘मुमताज़ बेग़म जहां देहलवी’ था। कहा जाता है कि एक ज्‍योतिषी ने उनके माता-पिता से ये कहा था कि मुमताज़ को बहुत नाम और शोहरत मिलेगी, लेकिन उसकी जिंदगी में दुःख भी रहेगा। उनके पिता अयातुल्लाह खान इस भविष्यवाणी को सुनकर दिल्ली से मुम्बई एक बेहतर जीवन की तलाश में आ गए।

मधुबाला ने अपना फिल्‍मी सफर बसन्‍त (1942) में ‘बेबी मुमताज़’ के नाम से शुरू किया। देविका रानी ‘बसन्त’ में उनके अभिनय से बहुत प्रभावित हुईं, इसके बाद उनका नाम मुमताज़ से बदल कर ‘मधुबाला’ रख दिया।

मधुबाला का जन्म 14 फरवरी, 1933 को दिल्ली में एक पश्‍तून मुस्लिम परिवार में हुआ था। मधुबाला अपने माता-पिता की पांचवीं संतान थीं और उनके अलावा उनके 10 भाई-बहन थे।

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