अच्छी शुरुआत के बावजूद गुमनाम हो गए ये 11 क्रिकेटर्स, नाम तक नहीं जानता कोई

Updated on 7 Jun, 2018 at 5:18 pm

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हमारे देश में खेल का मतलब ही होता है क्रिकेट, बाकी खेल तो बस नाम मात्र के हैं। क्रिकेट ही लोगों का सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय खेल है। तभी तो एक क्रिकेट खिलाड़ी के सोशल मीडिया पर लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स होते हैं और इनकी कमाई भी ज़बर्दस्त होती है, मगर हर खिलाड़ी सचिन और विराट जैसे लकी भी तो नहीं होता।

कुछ क्रिकेट खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्होंने करियर की शुरुआत में तो शानदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन उसके बाद अपनी परफॉर्मेंस बरकरार नहीं रख पाए और गुमनामी के अंधेरे में खो गए। चलिए, आपको बताते हैं कुछ गुमनाम क्रिकेटर्स के बारे में।

 

अमोल मजूमदार

 

1993-94 में घरेलू क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अमोल मजूमदार रणजी ट्रॉफी में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। कम ही लोगों को पता है कि मजूमदार और सचिन तेंदुलकर दोनों ही रमाकांत आचरेकर के शिष्य रह चुके हैं। इतना ही नहीं खुद अमोल मजूमदार नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिला। 2014 में मजूमदार ने क्रिकेट से सन्यास ले लिया।

 

 

वसीम जाफर

 

शायद आपने इनका नाम भी नहीं सुना होगा। वसीम रणजी ट्रॉफी के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं और फिलहाल वह रणजी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं। लेकिन भारतीय टीम में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, शायद यही वजह है कि 2008 के बाद से उन्हें टीम इंडिया में शामिल ही नहीं किया गया।

 

 

परवेज रसूल

 

घरेलू क्रिकेट में परवेज का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए और रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया और इसी की बदौलत उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका मिला। मगर अफसोस कि यहां वो कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए, जिसकी वजह से क्रिकेटर के रूप में परवेज नाम नहीं कमा पाए।

 

 

ऋषि धवन

 

हिमाचल प्रदेश के ऋषि धवन ने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें टीम इंडिया के लिए कुछ मैच खेलने का मौका भी मिला, लेकिन वो इस मौके को भुना नहीं पाए। ऑलराउंडर धवन अच्छा नहीं खेल पाएं। यही नहीं, आईपीएल के कुछ सीजन में भी उन्हें मौका तो मिला, मगर वो अच्छा खेलने में असफल रहे। 2016 में वो आखिरी बार क्रिकेट मैदान पर नज़र आए थे।

 

 

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ

 

घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बद्रीनाथ तमिलनाडू टीम के कैप्टन रह चुके हैं। 2013 और 2015 में उन्हें आईपीएल में भी खेलने का मौका मिला, लेकिन वो अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। बद्रीनाथ और विराट कोहली ने एक साथ 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वन डे सीरीज से अपना डेब्यू किया था। विराट शानदार खेल की बदौलत आज शोहरत की बुलंदियों पर पहुंच चुके हैं और बद्रीनाथ गुमनाम रह गए।

 

 

परविंदर अवाना


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परविंदर ने रणजी ट्रॉफी में अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था, जिसके बाद 2012 में किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें खरीदा था। इसके अलावा 2012 में ही उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच खेलने के लिए भी चुना गया, लेकिन इस सीरीज में उनका प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि उन्हें प्लेइंग इलेवन से ही बाहर कर दिया गया था। खराब खेल की वजह से 2015 के बाद से उन्हें आईपीएल में मौका नहीं मिला।

 

 

राहुल शर्मा

 

आईपीएल के पांचवें और छठे सीजन में राहुल ने अच्छी बॉलिंग की लेकिन उसके बाद उनका अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा, जिसकी वजह से उन्हें टीम में चुना ही नहीं गया। 2012 के बाद से राहुल भारत के लिए नहीं खेलें और आईपीएल के आठवें सीजन के बाद से उन्हें किसी भी टीम ने नहीं चुना।

 

 

फैज फजल

 

महाराष्ट्र के फैज फजल ने भी घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया और 14 साल तक वो खेले, लेकिन उन्हें टीम इंडिया में केवल एक बार ही जगह मिल पाई थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए उस मैच में फैज ने 55 रन बनाए थे। इस मैच के बाद वो दोबारा कभी टीम इंडिया में शामिल नहीं हो पाएं।

 

 

पंकज सिंह

 

पंकज सिंह कभी राजस्थान के लिए सबसे अच्छे बॉलर माने जाते थे, मगर वो कभी इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान नहीं बना पाए। उन्हें सिर्फ एक बार टीम इंडिया में शामिल किया गया था। 2010 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने इकलौता वनडे मैच खेला था जिसमें उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था। 2014 के बाद से वो टीम इंडिया के लिए कोई मैच नहीं खेल पाए।

 

 

सदगोपन रमेश

 

सदगोपान वन डे मैच में पहली ही गेंद पर विकेट लेने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर हैं। करियर की शुरुआत में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन वो अपना खेल बरकरार नहीं रख पाए। इसी वजह से 2001 के बाद से उन्हें भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया।

 

 

अभिमन्यु मिथुन

 

कर्नाटक के अभिमन्यु ने रणजी ट्रॉफी के अपने पहले सीजन में 47 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया जिसके बाद उन्हें 2010 में श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलने का मौका मिला। इस मैच में पेस बॉलर अभिमन्यु ने 4 विकेट लेकर 105 रन दिए थे। 2011 के बाद से अभिमन्यु को टीम इंडिया के लिए कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला।

 

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