हिंद महासागर के नीचे मिला 3 अरब साल पुराना ‘खोया हुआ महाद्वीप’

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9:15 pm 5 Feb, 2017

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वैज्ञानिकों ने हिंद महासागर के लोकप्रिय पर्यटक द्वीप मॉरीशस के नीचे ‘लुप्त हुए महाद्वीप’ को खोज निकाला है। बताया जा रहा है कि यह द्वीप तीन अरब साल पुराना है।

अनुमान है कि यह द्वीप संभवत: सुपर महाद्वीप गोंडवाना के टूटने के बाद वहां बचा रह गया था। टूटने की यह प्रक्रिया करीबन 20 करोड़ साल पुरानी बताई जा रही है।

यह द्वीप इसलिए अदृश्य रहा होगा क्योंकि गोंडवाना द्वीप पर हुए ज्वालामुखी विस्फोटों से निकले लावे ने इस द्वीप को ढक लिया।

इस पूरे मामले पर अध्ययन कर रहे दक्षिण अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ विटवॉटर्सरेंड के प्रोफेसर और भूवैज्ञानिक लेविस ऐशवाल और उनकी टीम का कहना है कि ज्वालामुखी के लावे से बनी चट्टानों में मिले खनिज ‘जिरकन’ के अवशेष मॉरीशस द्वीप से भी पुराने हैं।


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ऐश्वाल ने कहा –

”मॉरीशस एक द्वीप है और इस पर कोई भी चट्टान 90 लाख साल से अधिक पुरानी नहीं है। लेकिन इस द्वीप की चट्टानों के अध्ययन से हमने पाया कि जिरकन तीन अरब साल पुराना है।”

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हिंद महासागर में ‘खोए हुए महाद्वीप’ को दिखाते हुए भूवैज्ञानिक लेविस ऐशवाल

अब ऐशवाल और उनकी टीम महाद्वीपों के टूटने की प्रक्रिया का अध्ययन कर रही है, ताकि ग्रह के भूगर्भीय इतिहास को समझ सकें।

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