लोकसभा में पास हुआ ऐतिहासिक मैटरनिटी बिल, अब कामकाजी महिलाओं को मिलेगी 26 हफ्तों की छुट्टी

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12:42 pm 10 Mar, 2017

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भारत में कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया मैटरनिटी लीव बिल संसद में पास हो गया है। कामकाजी महिलाओं के लिए मैटरनिटी लीव को 26 हफ्ते किए जाने के प्रस्ताव को संसद ने मंजूरी दे दी है।  इससे पहले 12 हफ्ते की लीव का प्रावधान था।

अक्सर ऐसा होता है महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान अपनी जॉब छोडनी पड़ती है या फि रदोबारा ऑफिस ज्वाइन करने में कई दिक्कतें आती हैं, ऐसे में यह बिल कामकाजी महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है।

यह बिल प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की नौकरी सुरक्षित करने में कारगर होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि उन्हें इस दौरान पूरी तनख्वाह भी मिलती रहे, ताकि वह अपने बच्चे का पालन-पोषण अच्छे से करती रहे।

इस बिल के कानून बन जाते ही देश की करीबन 18 लाख कामकाजी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।


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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी के बाद ये बिल कानून बन जाएगा।कानून बनने के बाद नए नियम 10 या इससे ज्यादा कर्मचारियों वाली संस्थाओं पर लागू होंगे। अगर कोई भी कंपनी इन नियमों की अवमानना करते पाई जाती है तो उसे 3 से 6 महीने की सजा और पांच हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।



जानिए मैटरनिटी लीव बिल से जुड़ी अहम बातें –

– कानूनी तरीके से 3 महीने की उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिलाओं और सरोगेट मदर को भी 12 हफ्ते की छुट्टी देने का प्रावधान है।

– पहले दो बच्चों के लिए 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिल सकेगी, जो पहले 12 हफ्ते थी। तीसरे या इससे ज्यादा बच्चों के लिए 12 हफ्ते ही रहेगी।

– महिलाएं मेटर्निटी लीव खत्म होने के बाद भी कुछ वक्त अगर घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करना चाहती हैं तो उन्हें ये सुविधा देना कंपनी की जिम्मेदारी होगी।

– 50 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में क्रेच की सुविधा देना अनिवार्य हो जाएगा। कोई महिला दिन में 4 बार बच्चे से मिलने क्रेच जा सकेंगी।


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