3.6 फीट के विकास बने देश के सबसे ‘लिटिल’ इंजीनियर, मिला 10 लाख का पैकेज

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Updated on 3 May, 2017 at 12:39 pm

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अगर आपकी लगन सच्ची है तो कोई भी कठनाई आपको अपने सपने पाने से नहीं रोक सकती। किसी भी परशानी से हार जाना, उसे नकार देना, या फिर उस परेशानी को अपनी किस्मत मान लेना अंत नहीं होता है। यहां हम जिस शख्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं वह एक ऐसी मिसाल हैं, जिन्होंने अपने परिश्रम से अपने कद को समाज के सामने और ऊंचा कर दिखाया है।

बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 3.6 फीट लंबे विकास पोद्दार एनआईटी के सबसे छोटे इंजीनियर बन गए हैं।

विकास हाइट में भले ही 3.6 फीट लंबे हैं, लेकिन अब एनआईटी के इंजीनियर बन गए हैं। उन्हें कैंपस प्लेसपेट के तौर पर 10 लाख का पैकेज ऑफर किया गया है। विकास अब दूरसंचार विभाग के सी-डॉट सेंटर में रिसर्च एंड डिवेपमेंट विभाग में काम करेंगे। हाल ही में विकास को दीक्षांत समारोह में एनआईटी की डिग्री दी गई।

विकास का कद जन्म से ही जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से नहीं बढ़ पाया, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी बिलकुल नहीं माना। वह आम जन की तरह आगे बढ़ते गए।


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विकास ने अपनी शुरूआती पढाई गांव से ही की। 2012 में एनआईटी जालंधर में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। परिवार की माली हालत अच्छी नहीं थी। ऐसे में जालंधर के बिजनेसमैन और पीएनबी के बैंकर ने मिलकर विकास की आर्थिक सहायता की। विकास ने 8.2 सीजीपीए के साथ बीटेक की।

विकास के पिता बर्तन की एक दुकान चलाते हैं, लेकिन अब विकास ने अपने माता-पिता का सहारा बनते हुए, उनके हर सपने को सच करने के मकसद से सफलता के रास्ते पर एकदम रख दिया है।

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