साहित्य जगत की ये कहानियां हैं बेमिसाल, इन पर बनीं फिल्मों ने मचाया धमाल

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Updated on 30 Jan, 2017 at 4:31 pm

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आमतौर पर हम मानते हैं कि साहित्य और फिल्में समाज का दर्पण होती हैं। साहित्य और फिल्मों में वही होता है जो समाज में कहीं न कहीं घटित होता है। दरअसल, इन विधाओं का जिम्मेदारी समाज में घटित हो रही चीजों को बड़े परिप्रेक्ष्य में समाज के सामने लाना होता है, ताकि इस पर बहस हो। बदलाव की बयार बहे। इन दोनों विधाओं का अन्योन्याश्रय संबंध है। हम उन 6 बेमिसाल फिल्मों का जिक्र करने जा रहे हैं, जो साहित्य की बेहतरीन कहानियों पर आधारित हैं।

1. देवदास

देवदास बांग्ला के प्रसिद्ध उपन्यासकार शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय का सब से अधिक लोकप्रिय उपन्यास है। इसी उपन्यास पर आधारीत इसी नाम की फिल्म भी बन चुकी है।

2. ट्रेन टू पाकिस्तान

लेखक खुशवंत सिंह के प्रसिद्ध उपन्यास “ट्रेन टू पाकिस्तान” एक प्रेम कहानी है जो भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि में लिखी गयी है। खुशवंत सिंह के सबसे प्रसिद्ध उपन्यासों में से एक है। इस पर एक फ़िल्म Pamela Rooks ने बनाई थी।


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3. पिंजर

पंजाबी के सबसे लोकप्रिय लेखका अमृता प्रीतम का उपन्यास ’पिंजर’ कहानी है बंटवारे से पूर्व के जो हिंदुओं और मुसलमानों की समस्याओं के बारे में है।

4. परिणीता

बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित परिणीता एक अनूठी प्रणय कहानी है। जिसमें दहेज प्रथा की भयावहता का चित्रण किया गया है।

5. गर्म हवा

‘गर्म हवा’ लेखिका इस्मत चुगताई की एक अप्रकाशित कहानी है। परन्तु बॉलीवुड डायरेक्टर एम एस सथ्यू ने इस पर फ़िल्म बनाई जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में खास महत्व रखता है।

6. शतरंज के खिलाड़ी

शतरंज के खिलाड़ी मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी है। प्रसिद्ध निर्देशक सत्यजीत राय ने इसी नाम से इस कहानी पर आधारित एक हिन्दी फिल्म बनायी।

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