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द्रौपदी से सीखें जीवन की 10 महत्वपूर्ण सीख

Published on 22 January, 2018 at 6:26 pm By

जब भी महाभारत और पांडवों की बात होती है तो द्रौपदी का ज़िक्र ज़रूर होता है, क्योंकि महाभारत का तो कारण ही द्रौपदी को माना जाता है। पांच पांडवों की पत्नी द्रौपदी को इतिहास की एक महान और सशक्त महिला के रूप के जाना जाता है। द्रौपदी के किरदार से आप भी ज़िंदगी के बारे मे बहुत कुछ सीख सकते हैं।

1. चुप रहकर घुट-घुटकर न जीएं


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द्रौपदी अपने समय की सबसे सशक्त महिला मानी जाती हैं। उस ज़माने के हिसाब से तो उन्हें विद्रोही ही कहा जाएगा। द्रौपदी के साथ जब भी कुछ गलत हुआ तो चुपचाप सहने की बजाय उन्होंने उसके खिलाफ आवाज़ उठाई।

2. अपने दिमाग की सुनो और बोलो

 

पूरे महाभारत में साफतौर पर दिखता है कि द्रौपदी दूसरों की नहीं, बल्कि अपने दिमाग़ की सुनती हैं। उन्हें दरअसल अपने निर्णय पर भरोसा है।

3. नेक इरादों के साथ अपने कर्तव्य के पालन से न्याय प्राप्त होता है


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महाभारत में चीरहरण का वाकया इस बात का प्रमाण है कि हमेशा सही काम करने वाले और अपने कर्तव्य का पालन करने वाले लोगों को न्याय ज़रूर मिलता है।

4. धैर्य रखकर बड़े से बड़े साम्राज्य को भी हिलाया जा सकता है

 

कौरव पांडवों से संख्या में बहुत ज़्यादा थे, लेकिन द्रौपदी का विश्वास और धैर्य उनसे कहीं ज़्यादा था, तभी तो महाभारत का युद्ध पांडवों ने जीता।

5. पंसद और प्यार की बजाय ऐसे शख्स को चुनें जो आपकी रक्षा कर सके

 

अर्जुन द्रौपदी से प्यार तो करते था, लेकन उनकी रक्षा तो भीम ने ही की थी। द्रौपदी के अपमान का बदला लेने की कसम भी भीम ने ही उठाई थी। इसलिए अर्जुन की बजाय भीम जैसा शख्स अपने लिए भी चुनें।

6. सिर्फ़ खुद पर सबसे ज़्यादा भरोसा करें



 

अंत में द्रौपदी को उनके पांचों पति और पुत्र भी छोड़ देते हैं और वह बिल्कुल अकेली रह जाती हैं। यही वजह है कि हमेशा खुद पर ही भरोसा करना चाहिए। खुद के लिए संपत्ति बनाएं और उस पर अधिकार रखें और जब समय आए तो उसका इस्तेमाल करें। दूसरों से कुछ उम्मीद करना बेमानी है।

7. सोच समझकर बोलें

 

आपकी जीभ बहुत खतरनाक हथियार है। इसलिए इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करें। द्रौपदी ने एक बार दुर्योधन को मज़ाक उड़ाते हुए कहा था, ‘अंधे का पुत्र अंधा’। दुर्योधन ने द्रौपदी से इसी बात का बदला लेने के लिए उसका अपमान करवाया। अगर द्रौपदी ने कड़वे वचन न बोले होते, तो शायद तस्वीर कुछ और होती।

8. एक विश्वसनीय पुरुष मित्र का होना ज़रूरी है

 

भगवान कृष्ण द्रौपदी के बहुत अच्छे मित्र थे। उनके साथ द्रौपदी अपने सब सुख-दुख बांटती थीं। कृष्ण हमेशा उन्हें सही सलाह देते थे और चीरहरण के संकट से कृष्ण ने ही उन्हें बचाया था।

9. भगवान से सोच समझकर मांगे

 

द्रौपदी ने भगवान शिव से प्रार्थना करते हुए ऐसा पति मांगा जो बुद्धिमान, सुंदर और बलशाली भी हो। एक इंसान में सारी खूबियां तो हो नहीं सकती, इसलिए भगवान शिव ने द्रौपदी को पांच पति का आशीर्वाद दे दिया। इसलिए कुछ भी मांगने से पहले सतर्क रहना ज़रूरी है।

10. अपने अधिकार के लिए लड़ें

 

द्रौपदी अपने समय की चंद उन महिलाओं में से थी जो अपने अधिकारों के लिए लड़ी और इसके लिए अपने परिवार और रिश्तेदारों के भी खिलाफ हो गईं।


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इन्ही कारणों की वजह से ही द्रौपदी के आदर्श आज 21वीं सदी में भी प्रासंगिक लगते हैं।

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