इन 10 तरीकों से करें झूठे इंसान की पहचान, झूठ को पकड़ना इतना मुश्किल भी नहीं

Updated on 10 Sep, 2018 at 4:49 pm

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दुनिया में शायद ही कोई इंसान ऐसा होगा जिसने कभी झूठ नहीं बोला होगा। कभी मर्ज़ी से तो कभी मजबूरी में आपने भी झूठ बोला ही होगा। कभी-कभार किसी अच्छे काम के लिए मिथ्या बोलने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन हमेशा ऐसा करना ठीक नहीं है। कोई झूठ बोल रहा है या नहीं, इसे बड़ी ही आसानी से उसके हावभाव से पहचाना जा सकता है। आप भी यदि किसी को रंगे हाथ पकड़ना चाहते हैं तो उसके एक्सप्रेशन पर ध्यान रखिए।

चलिए आपको बताते हैं कि झूठे इंसान की पहचान कैसे करें।

 

गुस्सा दिखाना और आप पर उंगली उठाना

 

झूठ बोलने वाला इंसान अक्सर नर्वस हो जाता है और किसी गलती के लिए आप पर ही उंगली उठाने लगता है। सच्चा इंसान गलत बात पर गुस्सा भले करे, लेकिन वो अपने गुस्से पर काबू रखकर सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करता है।


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गुस्सा दिखाना (angry)

 

ज़ोर देकर इन्कार और नकारात्मक शब्दों का ज्यादा प्रयोग करना

 

जब उनसे कुछ सवाल किए जाते हैं, जिनके बारे में वो सच नहीं बोलना चाहते या कुछ छुपाना जाते हैं तो वह बहुत ही औपचारिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं और सामने वाले को यकीन दिलाने के लिए सकारात्मक वाक्यों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनकी बातों में नकारात्मक भाव बार-बार आते रहते हैं।

 

 बातों पर ज़ोर देना (Extra emphasis)

 

झूठी कहानी गढ़ने के लिए सवाल दोहराते हैं

 

झूठा इंसान कोई नई कहानी गढ़ने के लिए आपके द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देने की बजाय उस सवाल को ही दोहराता है, ताकि उसे कुछ समय मिल जाए को नया सोचने के लिए।

 

सवाल दोहराना (Repeating the question)

 

बॉडी लैंग्वेज और इशारे देते हैं झूठ का संकेत

 

सामने वाले की बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देकर आप आसनी से उसका झूठ पकड़ सकते हैं। झूठे व्यक्ति से यदि आप कुछ पूछते हैं तो अगर वो सो रहा है तो झट से उठकर बैठ जाएगा और असहज महसूस करने लगता है। उसके चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई देती है।

 

 शारीरिक हावभाव (Body language)

 

अजीब बर्ताव और चेहरा का हावभाव

 

यदि आप कुछ ऐसा पूछ लेते हैं जिसका जवाब झूठा इंसान नहीं देना चाहता, तो आपके सवाल करने पर उसका बर्ताव कुछ अजीब सा होता है। वो झूठी हंसी हंसता है और उसके चेहेर के भाव भी अलग हो जाते हैं।

 

अजीब बर्ताव (Unusual behaviour)

 



सही तरह से किसी चीज़ के बारे में न बोल पाना

 

यह झूठे इंसान की पहचान होती है कि वो किसी चीज़ का सही वर्णन नहीं कर पाता। अचानक कुछ ऐसा सवाल पूछने पर जिसके लिए वो तैयार नहीं हो, उसका जवाब उटपटांग होता है। उसकी बातों में कोई तारतम्य नज़र नहीं आता।

 

सही तरह से न बोलना (Narration)

 

विषय बदल देते हैं या भाग जाते हैं

 

झूठ पकड़ा न जाए इसके लिए ऐसे लोग बातों का विषय ही बदल देते हैं। और तो और वो सामने वाले और अपने बीच दूरी बनाने की हमेशा कोशिश करते हैं।

 

via GIPHY

 

आवाज़ अलग होती है

 

जब कोई झूठ बोलता है तो उसी आवाज़ और टोन हमेशा से कुछ अलग ही होता है। धीरे-धीरे बोलते हुए वह अचानक ज़ोर से बोलने लगता है, बोलते हुए हकलाने लगता है। किसी सवाल का जवाब देने में हिचकता है।

 

अलग आवाज़ (different voice)

 

छोटी सी बात कहने के लिए लंबी भूमिका बांधना

 

झूठे लोग छोटी सी बात कहने से भी पहले लंबी चौड़ी कहानी कहने लगते हैं या भूमिका बांधने लगते हैं, ताकि सामने वाला उनका झूठ पकड़ न सके, लेकिन उनका ऐसा करना ही बता देते है कि वो झूठ बोल रहे हैं।

 

भूमिका बांधना (Exaggerated stories)

 

नज़रें नहीं मिला पाते

 

जो इंसान सच बोलता है वो 60 फीसदी सामने वाले की आंखों में आंखें डालकर बात करता है, लेकिन झूठ बोलने वाला इंसान सामने वाले से नज़रें चुराने की कोशिश करता है या फिर लगातार आंखों में देखता रहता है। ज़रूरत से ज्यादा नज़रें मिलाना भी झूठे इंसान की निशानी है।

 

नज़रें नहीं मिलाना (eye contact)


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