जंग हारे CM केजरीवाल, दिल्ली के असली बॉस हैं LG

author image
Updated on 4 Aug, 2016 at 2:42 pm

Advertisement

केंद्र व दिल्ली सरकार के बीच राष्ट्रीय राजधानी के अधिकार को लेकर चल रही जंग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल की सरकार को बड़ा झटका दिया है।

हाई कोर्ट ने कहा है कि उप राज्यपाल ही दिल्ली के मुख्य प्रशासक हैं। दिल्ली से जुड़े निर्णय करने का अधिकार उपराज्यपाल (एलजी) के पास ही है। दिल्ली सरकार उनकी सहमति के बिना कोई कानून नहीं बना सकती। 239 AA दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का ख़ास दर्जा देता है।


Advertisement

कोर्ट के मुताबिक, उप राज्यपाल अरविंद केजरीवाल सरकार की सलाह मानने को बाध्य नहीं हैं। दिल्ली सरकार की इस दलील में कोई दम नहीं है कि उपराज्यपाल मंत्रियों की परिषद की सलाह पर काम करने के लिए बाध्य हैं। आपको बता दे कि दिल्ली के उप राज्यपाल का कार्यभार अभी नजीब जंग संभाल रहे हैं।

इससे पहले आप सरकार ने कहा था कि उप-राज्यपाल मंत्रिमंडल की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं। इसके बाद कोर्ट ने दलील दी कि मंत्रिमंडल कोई भी फैसला उप-राज्यपाल को भेजने से पहले नहीं ले सकता है।

दिल्ली में अधिकार क्षेत्र के बंटवारे को लेकर कई मुद्दों पर केंद्र और केजरीवाल सरकार टकराव बना हुआ है।

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अधिकार क्षेत्र के बंटवारे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार के हस्तक्षेप को सही बताते हुए कहा कि दिल्ली में जमीन और पुलिस से जुड़े फैसले लेने का अधिकार केंद्र को है।

साथ ही कोर्ट ने माना कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (ACB) केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement