मौत से पहले आइंस्टीन का लिखा पत्र नीलामी में बिका 20.38 करोड़ रुपये में

Updated on 8 Dec, 2018 at 12:57 pm

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जर्मन मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंनस्टीन जीनियस थे, जिन्हें इस सदी का सबसे बड़ा वैज्ञानिक माना जाता है। उनका दिमाग इतना खास था कि उनकी मौत के बाद उसे सहेज कर न्यूयॉर्क में एक सेफ में रख दिया गया था, जिसपर बरसों रिसर्च भी होती रही। इतना ही नहीं उनकी आंखों को भी जांच के लिए निकाल लिया गया था।

 

 


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हाल ही में इस जीनियस का इश्वर और धर्म को लेकर लिखा गया एक पत्र 28.9 लाख अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुआ है। इस पत्र में उन्होंने इश्वर और धर्म की व्याख्या अपने ही नजरिए से की है। ये लेटर आइंस्टीन ने अपनी मौत से एक साल पहले लिखा था।

नीलामीघर क्रिस्टीज की ओर से इस बात की जानकारी देते हुए बताया गया है कि नीलामी से पहले इस लेटर की कीमत का आकलन 15 लाख डॉलर यानी करीब 10 करोड़ 58 लाख रुपये किया गया था।

 

 



दो पन्नो के इस लेटर को एडिसन ने 3 जनवरी 1954 को जर्मनी के एक दार्शनिक एरिक गटकाइंड को लिखा था,  जिन्होंने आइंस्टीन को अपनी किताब ‘चूज लाइफ : द बिबलिकल कॉल टू रिवोल्ट’की एक प्रति भेजी थी। इस पत्र में आइंस्टीन ने अपने अंदाज में भगवान की व्याख्या की थी, पत्र में आइंस्टीन ने लिखा।

” ‘मेरे लिए भगवान शब्द का अर्थ कुछ नहीं बल्कि अभिव्यक्ति और इंसान की कमजोरी का प्रतीक है। बाइबिल एक पूजनीय किताब है, लेकिन अभी भी प्राचीन किंवदंतियों का संग्रह है।’उन्होंने लिखा, ‘कोई व्याख्या नहीं है, न ही कोई रहस्य अहमियत रखता है, जो मेरे इस रुख में कुछ बदलाव ला सके।

 

 

गौर हो कि  अभी कुछ सयम पहले ही महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के हस्ताक्षर वाली  एक लोकप्रिय तस्वीर अमेरिका में 1,25,000 डॉलर की भारी भरकम कीमत में नीलाम की गई थी।

क्या आपको लगता है कि इस महान वैज्ञानिक के इस पत्र को सही राशी पर नीलाम किया गया है।


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