भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल से जुड़े 11 अनसुने तथ्य, जिन्हें जानकर आपको गर्व होगा

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Updated on 29 Jul, 2017 at 9:38 pm

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देश की सुरक्षा और रखवाली का जिम्मा लिए भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP), पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है। जहां भारत-पाक सीमा पर तैनात जवानों के कार्यो और रणनिति के बारे में अक्सर सुनने को मिलता है, वहीं हिमालय की ऊंची चोटियों में भारतीय सीमा की सुरक्षा में लगे ‘हिमवीर’ के नाम जाने जानेवाले ITBP के  जवानों के बारे लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है।

ITBP की स्थापना 24 अक्टूबर, 1962 में सीआरपीएफ अधिनियम के तहत हुई थी। भारत-चीन संघर्ष के उपरान्त, जनरल बलबीर सिंह के नेतृत्व में देश की उत्तरी सीमाओं को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी इस बल को दी गई थी।

1. ITBP की जिम्मेदारी मुख्य रूप से लद्दाख में कराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश में जचेप ला तक फैली 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करना है।

भारत-चीन की सीमा पर यह बल 8,000 फीट से लेकर 1 9, 500 की ऊंचाई पर काम करते हुए पश्चिमी, मध्य तथा पूर्वी सीमा पोस्ट की देखभाल करता है।


 

2. यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

वर्तमान में, ITBP के 50,000 जवान तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के साथ-साथ 3490 किमी की भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में तैनात है।


 

3. ITBP महिलाओं की स्नाइपर टीम से लैस है।

इतना ही नहीं, ITBP ‘झांसी की रानी’ के नाम से एक पूरी महिला बटालियन होने का दावा करता हैं, जो मना पास घाटी की रक्षा करती है।


 

4. ITBP का आदर्श वाक्य “शौर्य, दृढ़ता, कर्म निष्ठा” है।

यह वाक्य बल के जवानों को चुनौतियों का सामना करने और देश की सुरक्षा के प्रति निष्ठावान  होने के लिए प्रेरित करता है।

 

5. ITBP के शौर्य और वीरता की अगर बात करें तो इस बल ने असंख्य नागरिक और शौर्य सम्मान अर्जित किए हैं।

इनमें  पद्मश्री -2, शौर्य चक्र -1, सेना पदक -1, राष्ट्रपति का वीरता के लिए पुलिस पदक – 3, वीरता के लिए पुलिस पदक -44, प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक- 63, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक – 292 और प्रधानमंत्री जीवन रक्षक पदक- 54 शामिल हैं।

 

6. यह  सिर्फ भारत-चीन सीमा की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कई देशों में शांति अभियान सहित कई कार्य करता है।


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ITBP सिविल मेडिकल कैम्प आयोजित करने के साथ-साथ विभिन्न परमाणु, जैविक और रासायनिक आपदाओं से मुकाबला करने सहित कुशल आपदा प्रबंधन शिविरों का आयोजन करता है। यह कहना बहुत गर्व की बात है कि ITBP को हैती, कोसोवो, सूडान और पश्चिमी सहारा सहित अन्य देशों में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के आयोजन के लिए विदेशों में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त ITBP की दो बटालियनों को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल में भी नियुक्त किया गया है।

 

7. ITBP को देश के सर्वश्रेष्ठ अर्द्धसैनिक बलों में से एक माना जाता है।

सीमा की रखवाली के अतिरिक्त यह बल पूर्वोत्तर राज्यों में आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का भी निर्वहन करता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ITBP की ऊंची चौकिया अन्य बलों से कहीं आगे हैं।

 

8. ITBP कमांडो की यूनिट्स अफगानिस्तान में भारत के दूतावास और वाणिज्य दूतावासों की सुरक्षा के लिए भी तैनात है।

इसके अलावा, ITBP की दो कंपनियां अफगानिस्तान में निर्माण परियोजना के लिए बीआरओ कर्मियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।

 

9. देश की शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए दुर्गम इलाकों में तैनात इस बल के प्रत्येक जवान को पहाड़ों की चढ़ाई, पर्वतारोहरण और पर्वत पर युद्ध के तरीकों से प्रशिक्षित किया जाता है।

यह संवेदनशील प्रतिष्ठानों और वीआईपी को सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही सीमा पार से होने वाले अपराध और गुप्त सूचनाओं के संकलन, तस्करों और घुसपैठियों से पूछताछ और अंतर्राष्ट्रीय सीमा/एलएसी पर संयुक्त रूप से गश्त भी करता है।


 

10. ये हिमालय की ऊंचाइयों की पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा भी करते हैं।

चूंकि ITBP जवान ऊंचाइयों पर तैनात किए जाते हैं, इसलिए वे यह भी सुनिश्चित करते हैं कि हिमालयी क्षेत्रों के वनस्पतियों और जीवों को संरक्षित रखा जाए।


 

11. इस ‘विशेष बल’ के बारे में सबसे महतवपूर्ण एक बात यह भी है कि इसकी उपस्थिति की घोषणा इसकी स्थापना के लगभग दो दशकों बाद सार्वजनिक हुई थी।

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