Advertisement

क्या आप लगा सकते हैं जीसस क्राइस्‍ट की इस पेंटिंग की कीमत का अंदाजा? तोड़े नीलामी के रिकॉर्ड

author image
Updated: 3:04 pm 16 Nov, 2017

Advertisement

इटली के महान चित्रकार लिओनार्दो दा विंची की एक दुर्लभ पेंटिंग इतनी महंगी बिकी है, जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते।

500 साल पुरानी इस पेंटिंग की नीलामी पर सबकी नजरें थीं और जब आखिरकार इस पेंटिंग को खरीदा गया तो इसने नीलामी के अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

नीलामी के साथ ही ‘साल्वातोर मुंडी’ नाम की जीसस क्राइस्ट की इस पेंटिंग ने पुराने सारे रिकॉर्ड धराशायी कर दिए।

 

यह दुनिया में किसी भी नीलामी में लगाई गई किसी भी कलाकृति के लिए सबसे बड़ी कीमत है।

 

इससे पहले पाब्लो पिकासो की ‘वुमेन ऑफ अल्जीयर्स’ सबसे महंगी बिकने वाली पेटिंग थी, जो 179.4 मिलियन डॉलर में बिकी थी।

 

तकरीबन 500 साल पुरानी इस पेंटिंग को न्यूयॉर्क में नीलाम किया गया। नीलामी की प्रक्रिया लगभग 20 मिनट तक चली। नीलामी में कुल 6 लोगों ने हिस्सा लिया था।


Advertisement

 

यह पेंटिंग 45 करोड़ डॉलर यानी तकरीबन 3 हजार करोड़ रुपये में नीलाम हुई है।

 

एक समय ऐसा भी आया था कि पेंटिंग की आखिरी बोली 1300 करोड़ रुपये पर आकर रुक गई थी, तभी किसी ने फोन के जरिए इसकी नीलामी की कीमतों को आगे बढ़ाना शुरू किया और अंत में इसकी बोली 2940 करोड़ पर जाकर रुकी। हालांकि, पेंटिंग किसने खरीदी है उसका नाम गुप्त रखा गया है।

 

इस पेंटिंग में विंची ने जीसस क्राइस्ट को ‘दुनिया के रक्षक’ के रूप में दर्शाया है।

 

यह पेंटिंग खो गई थी, लेकिन 500 साल पहले इसे फ्रांस के शाही परिवार को इसका अधिकार मिला था। फिर साल 1958 में यह पेंटिंग कुल 45 पाउंड यानी लगभग 3900 रुपये में बेच दी गई थी। वहीं, साल 2005 में इसे फिर 10 हजार डॉलर में बेचा गया। इसके बाद इसी साल रूसी अरबपति ने इस पेंटिंग को 12.75 करोड़ डॉलर में खरीदा और अब इस पेंटिंग को क्रिस्टी नाम की संस्था ने 45 करोड़ डॉलर में नीलाम किया है।

क्रिस्टी के मुताबिक, दुनिया में इस समय लियोनार्दो दा विंची की बनाई गई 20 से भी कम पेंटिंग्स अस्तित्व में हैं।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement