इस शख्स ने जीत ली कार कंपनी के खिलाफ जंग, मिला 80 हजार का मुआवज़ा

Updated on 23 Aug, 2017 at 5:37 pm

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करीब 12 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दिल्ली में रहने वाले उपभोक्ता मनन जैन ने कार कंपनी के खिलाफ़ जीत हासिल कर ली है। दिल्ली के कन्ज़्यूमर कोर्ट ने मनन के हक में फैसला सुनाकर एक उपभोक्ता के हितों की रक्षा की है। इस फैसले में भले ही लंबा वक़्त लगा हो, लेकिन देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर इस फैसले से लोगों का कंन्ज़्यूमर कोर्ट पर विश्वास बढ़ेगा।

मनन ने वर्ष 2004 में एक कार खरीदी थी, जो डिफ़ेक्टिव निकली। जब उन्होंने कम्पनी से कार ठीक करने को कहा,  तो कंपनी ने उनकी अर्ज़ी ठुकरा दी। इसके बाद मनन ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। Tata Indigo Marina LS कार 4,79,972 रुपये में ख़रीदी थी। इस कार पर 18 महीने की वारंटी थी। जैन के मुताबिक़, कार में माइलेज की समस्या थी और कार का पिक-अप लो था। साथ ही क्लच भी ख़राब था। इतना ही नहीं, गाड़ी में कई और खराबी भी थी।


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कोर्ट ने कम्पनी से मनन को हुए मानसिक कष्ट के लिए 80,000 रुपये देने के लिए कहा है। जैन ने परेशान होकर कार शोरूम में छोड़ दी थी और कम्पनी से रिफंड या कार रिप्लेसमेंट करने के लिए कहा।

मनन का कहना है कि उन्हें एक साल में ही 10-12 बार गाड़ी को रिपेयर करानी पड़ी थी, जबकि कम्पनी के वकील का कहना था कि जैन ने कम्पनी से छुपाया था कि गाड़ी का एक बार एक्सीडेंट भी हुआ है। कार रिपेयर होने के बाद भी वो उसे शोरूम से लेने नहीं आये थे, इसलिए उन्हें मुआवज़ा नहीं मिलना चाहिए।

अब कोर्ट ने कंपनी से कार को ठीक करके तीस दिन के अन्दर जैन को लौटाने को कहा है। इस मामले में मनन जैन की तारीफ करनी होगी जिन्होंने इंसाफ और अपने हक के लिए इतनी लंबी लड़ाई लड़ी।

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