विदेशी मीडिया कर रहा है पीएम मोदी की जय-जयकार, सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री से हो रही है तुलना

author image
Updated on 15 Nov, 2016 at 9:41 pm

Advertisement

जब से प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार टेलीविज़न के माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की है, तब से देशभर में कहीं उनके इस निर्णय का समर्थन किया जा रहा है तो कहीं विद्रोह के स्वर भी हैं। इस मामले में विदेशी मीडिया में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सिंगापुर की मीडिया ने पीएम मोदी के इस कदम को देश के भविष्य के लिए अच्छा कदम बताया है।

सिंगापुर के मशहूर अंग्रेजी अखबार द इंडिपेंडेंट ने अपने एक लेख में पीएम मोदी के इस कदम की तुलना सिंगापुर के पूर्व एवं पहले प्रधानमंत्री ली कुआन यू द्वारा देशहित में लिए गए आर्थिक फैसलों से की है।

lee-modi

अखबार ने अपने लेख के शीर्षक में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है कि मोदी ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ली कुआन यू जैसा कदम उठाया है।

अखबार ने आगे कहा है कि भारत में एक नए ली कुआन यू का जन्म हुआ है। अखबार के माध्यम से सिंगापुर के कई बड़े दिग्गज नेताओं का कहना है कि भारत के प्रधानमंत्री के इस आकस्मिक फैसले से उनका सम्मान और बढ़ गया है। पीएम मोदी का यह एक फैसला बतौर प्रधानमंत्री उनकी विरासत में चार चांद लगाएगा।

आपको बता दें कि 91 साल की उम्र में आखिरी सांस लेने वाले ली कुआन यू ने एक साधारण से टापू को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए दिन-रात एक कर दिया था। आज दुनिया के सबसे ताकतवर देशों की सूची में आने वाला सिंगापुर जो कुछ भी है उसके पीछे ली कुआन यू की 50 सालों की मेहनत है।

23 मार्च, 2015 को अंतिम सांस लेने वाले ली की अंतिम यात्रा में विश्व के कई नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे।

ली को श्रधांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई के दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ”ली हमारे वक्त के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे। उन्होंने साउथ एशिया ही नहीं, पूरे एशिया को इन्सपायर किया कि हम अपनी तकदीर खुद लिख सकते हैं। ”


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement