टीम इंडिया ने तोड़ा था कंगारुओं का गुरूर, लक्ष्मण-द्रविड़ की जोड़ी ने 14 मार्च को रचा था इतिहास

author image
Updated on 14 Mar, 2017 at 5:46 pm

Advertisement

16 साल पहले कोलकाता का ईडेन गार्डेंस मैदान टेस्ट क्रिकेट के ऐतिहासिक मैच का गवाह बना था। दिन था 14 मार्च। 2001 का साल। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया। क्रीज़ पर मौजूद थी क्रिकेट दुनिया की सबसे बेहतरीन जोड़ी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण।

सौरव गांगुली की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम के सामने दुनिया की नंबर वन ऑस्‍ट्रेलियाई टीम थी। उस दौर में ऑस्ट्रेलिया की टीम को हराना दांतों तले उंगली चबाना जैसा था। ऑस्‍ट्रेलियाई टीम का खौफ ऐसा था कि प्रतिद्वंदी टीमें इस टीम को हराना ‘हरक्यूलियन टॉस्क’ मानती थी।

लेकिन 14 मार्च 2001 को वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की जोड़ी ने ईडेन गार्डेंस में जो कारनामा किया, वह इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया।

dravid

Sportskeeda


Advertisement

‘वेरी वेरी स्पेशल’ लक्ष्मण ने 2001 में अविजित मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ दूसरी पारी में 281 रन बनाए थे। इसी मैच में भारतीय क्रिकेट टीम की ‘द वॉल’ द्रविड़ ने 180 रन बनाकर लक्ष्मण के साथ पांचवें विकेट के लिए 376 रनों की साझेदारी की थी।

इस ऐतिहासिक मैच में आॅस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। आॅस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की पहली पारी 171 रनों पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया को 274 रनों की बढ़त हासिल हुई और उसके बाद ऑस्ट्रेलियाई ने भारत को फॉलोऑन खिलाया।

फिर क्या, फॉलोऑन खेलने उतरी भारतीय टीम के दो बल्लेबाजों ने अपनी बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया टीम की रीढ़ ही तोड़कर रख दी। लक्ष्मण ने जहां 281 रनों की पारी खेली, वहीं द्रविड़ ने शानदार 180 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 376 रनों की साझेदारी की।

क्रीज पर मौजूद इस महान जोड़ी का तोड़ ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के पास नहीं था। इन दोनों के आउट होने के बाद भारत ने अपनी दूसरी पारी 657/7 के स्कोर पर घोषित कर दी।

भारत के पास 383 रनों की बढ़त थी। आॅस्ट्रेलिया को जीत के लिए 384 रन बनाने थे, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं हुआ था।

भारतीय टीम के बल्लेबाजों  ने भी इस चुनौती को स्वीकार किया और ऑस्ट्रेलिया के वर्चस्व को जबरदस्त चोट पहुंचाई। आॅस्ट्रेलिया की पूरी टीम दूसरी पारी में 212 रनों पर ही सिमट गई। आखिरकार इस टेस्ट मैच में भारत को 171 रनों से ऐतिहासिक विजय हासिल हुई।

भारत ने इस मैच में आॅस्ट्रेलिया की निश्चित जीत से वंचित रखते हुए उसके लगातार 16 टेस्ट मैचों में अपराजेय रहने के सिलसिले पर सेंध मारी। इसी पारी ने लक्ष्मण को ‘वेरी वेरी स्पेशल’ और द्रविड़ को ‘द वॉल’ का खिताब दिलवाया।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement