स्वामी की यह बात अगर मुस्लिम नहीं माने तो वर्ष 2018 में राम मंदिर के लिए कानून !

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5:16 pm 22 Mar, 2017

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वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि मुसलमानों को सरयू नदी के पास मस्जिद का उनका प्रस्ताव मान लेना चाहिए। ऐसा नहीं होने की स्थिति में वर्ष 2018 में राज्यसभा में भाजपा का बहुमत होगा, तब कानून बनाकर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया जाएगा।

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स्वामी ने ट्वीट कियाः

स्वामी ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि वर्ष 1994 में सुप्रीम कोर्ट ने जिस हिस्से को रामजन्मभूमि करार दिया है, वहां रामलला विराजमान हैं और उनकी रोज पूजा हो रही है। क्या कोई उनका वहां से हटा सकता है?

सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान राम जन्मभूमि को लेकर भारतीय जनता पार्टी की गंभीरता बयां करता है। भारतीय जनमानस के लिए राम मंदिर बेहद संवेदनशील मुद्दा है। भारतीय जनमानस किसी भी स्थिति में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चाहता है।

इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि इस मामले का हल कोर्ट से बाहर बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सभी पक्षों को आश्वस्त किया है कि जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय मध्यस्थता करेगा।

केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव का स्वागत किया है। वहीं, बाबरी एक्शन कमेटी ने इसे ठुकरा दिया।

इस पूरे मामले में हिन्दू महासभा का कहना है कि किसी तरह के समझौते का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह जमीन रामलला की है और वहां रामलला विराजमान हैं। जमीन देवता में सन्निहित होती है और इसलिए देवता की जमीन का समझौता कोई व्यक्ति या संगठन नहीं कर सकता।

वहीं, दूसरी तरफ दारुल उलूम का कहना है कि इस मसले पर समझौते का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को अपना फैसला सुना देना चाहिए।

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