लेटेक्स और नॉन लेटेक्स कॉन्डम में क्या अंतर है, जानते हैं आप?

4:40 pm 9 May, 2018

कपल्स की सेक्स लाइफ में कॉन्डम बहुत ज़रूरी चीज़ है। यह अनचाही प्रेग्नेंसी के साथ ही सेक्सुअल ट्रांस्मिटेड डिजीज़ से भी बचाती है। आजकल मार्केट में ढेर सारी वेरायटी और फ्लेवर के कॉन्डम मौजूद हैं। यही वजह है कि लोग अपनी पसंद और सुविधानुसार कॉन्डम का इस्तेमाल करते हैं।

 

Latex and non-latex condoms

 

कंडोम आमतौर पर दो चीज़ों लेटेक्स और नॉन लेटेक्स मटेरियल जैसे- पॉलीयूरेथन, भेड़ की चमड़ी और अन्य सिंथेटिक मटेरियल जैसे एटी-10 रेसिन और पॉलीसोप्रीन से बनते हैं। मशहूर ब्रांड के कॉन्डम में और भी कई चीज़ें होती है। हालांकि, हम यहां सिर्फ लेटेक्स और नॉन लेटेक्स कॉन्डम की ही चर्चा करेंगे।

 

Types of condoms

 

लेटेक्स कॉन्डम

ये पुरुष कॉन्डम है जो लचीला, पतला और लेटेक्स से बना होता होता। लेटेक्स एक प्रकार का रबड़ होता है। ये बाकी कॉन्डम से सस्ता और आसानी से मिल जाता है। 90 प्रतिशत कॉन्डम लेटेक्स से ही बने होते हैं। ये कॉन्डम प्रेग्नेंसी और सेक्सुअल ट्रांस्मिटेड डिजीज को रोकने में कारगर है। ये कॉन्डम कई रंग, शेप, टेक्सचर, फ्लेवर और साइज़ में उपलब्ध है, इसलिए लोगों के बीच ज़्यादा लोकप्रिय भी है। लेटेक्स कॉन्डम 82 से 98 प्रतिशत तक प्रभावशाली होता है, यदि सही तरीके से और सही साइज़ का कॉन्डम इस्तेमाल किया जाए।

 

Types of condoms

 

लेटेक्स कॉन्डम की सबसे बड़ी कमी ये है कि इसे ल्यूब्रिकेंट्स जैसे पेट्रोलियम जेली, बटर और वेजीटेबल ऑयल के साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके अलावा जिन लोगों को लेटेक्स से एलर्जी है उनके लिए भी ये कॉन्डम ठीक नहीं है।

नॉन लेटेक्स कॉन्डम

ये कॉन्डम पॉलीयूरेथन या सिंथेटिक कॉन्डम के नाम से जाने जाते हैं। ऐसे कॉन्डम ज़्यादातर पॉलीयूरेथेन जो एक प्रकार का प्लास्टिक है और पॉलीसोप्रीन से बने होते हैं। ये कॉन्डम लेटेक्स से अच्छे होते हैं और उनके लिए भी उपयुक्त होते हैं जिन्हें लेटेक्स से एलर्जी है। नॉन लेटेक्स कॉन्डम भी कई टेक्सचर और लेटेक्स जितनी मोटाई में उपलब्ध हैं, मगर इसमें लेटेक्स कॉन्डम से कम महक आती है। साथ ही इसे ल्यूब्रिकेंट्स और लोशन के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बाकी कॉन्डम के मुकाबले ये बहुत पतला होता है। कुछ फीमेल कॉन्डम भी पॉलीयूरेथन से बने होते हैं।

इसकी सबसे बड़ी कमी ये है कि ये लेटेक्स कॉन्डम  से कम लचीले होते हैं। ये लेटेक्स की तरह स्ट्रेचेबल नहीं होते, इसलिए इनकी निकलने और फटने की संभावना ज़्यादा होती है। साथ ही ये महंगे भी होते हैं।

 

Condoms

 

नॉन लेटेक्स कॉन्डम का इस्तेमाल

ये कॉन्डम न सिर्फ लेटेक्स कॉन्डम से एलर्जी वाले लोगों के लिए है, बल्कि हर किसी के लिए अच्छा है। बस इसे इस्तेमाल के वक़्त ध्यान रखना है कि आपने सही साइज़ का कॉन्डम चुना है, कॉन्डम बहुत ज़्यादा टाइट नहीं होना चाहिए।

कॉन्डम खरीदने से पहले भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले तो उसकी एक्सपायरी डेट चेक कर लें। नॉन लेटेक्स कॉन्डम को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, इसलिए एक बार इस्तेमाल के बाद उसे कागज में लपेटकर डस्टबिन में डाल दें। यदि आपको किसी तरह की एलर्जी हो गई है तो कॉन्डम का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। कॉन्डम को ठंडे और सूखे स्थान पर रखें और यूज़ करने के बाद नॉन लेटेक्स कॉन्डम को टॉयलेट में फ्लश करने की भूल न करें।

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