चंद्रमा पर जाने वाले आख़िरी अंतरिक्ष यात्री का 82 साल की उम्र में निधन, प्रेरणास्त्रोत रहा बेमिसाल जीवन

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Updated on 17 Jan, 2017 at 2:56 pm

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चंद्रमा पर जाने वाले आख़िरी शख्स अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जीन सर्नन का 82 साल की उम्र में निधन हो गया है। कैप्टन सर्नन उन तीनों अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे, जो चांद पर दोबारा गए थे और 1972 में वहां की यात्रा में चांद का धरातल छोड़ने वाले आख़िरी व्यक्ति थे।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इस पूर्व अंतरिक्ष यात्री के निधन को काफ़ी दुःखद बताया है। नासा ने व संदेश भी साझा किया जो सर्नन ने अपनी आखिरी चांद यात्रा पर कहा था।  जीन सर्नन ‘‘सभी मानव जाति के लिए शांति और आशा’’ के संदेश के साथ चांद से पृथ्वी पर वापस लौटे थे।

“हमलोग जैसे आए थे, वैसे ही जा रहे हैं। ईश्वर की कृपा रही तो हमलोग सभी लोगों के लिए शांति और उम्मीद के साथ वापसी करेंगे।”

82 साल के सर्नन अपने बेमिसाल व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। वे अपोलो 17 मिशन में कमांडर थे। वे जीवन भर अपनी महत्वाकाक्षांओं को साझा करने और अंतरिक्ष में मानवीय संभावनाओं की तलाश को लेकर काफी उत्साहित रहते थे।

आपको बता दें अब तक 12 लोग चांद पर पहुंचे हैं, सर्नन उनमें से एक थे। उनके जाने के बाद अब ऐसे 6 लोग ही ज़िंदा हैं। परिवार और जानकारों के प्रेरणास्त्रोत रहे सर्नन के करीबी सदमे में हैं। उनके परिवार वालों का कहना हैः


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“सोमवार को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के कारण उनका निधन हो गया। यह हमारे लिए काफ़ी दुःखद है कि हम एक प्यारे पति और पिता के नहीं रहने की ख़बर दे रहे हैं। हम सब सदमे में हैं।”

प्रेरणास्त्रोत रहा बेमिसाल जीवन

अपोलो 17 मिशन से पहले सर्नन अंतरिक्ष में 1966 और 1969 में जा चुके थे। सर्नन एक तेज-तर्रार नेवी एविएटर थे। उन्हें 1963 में नासा ने अपने अंतरिक्ष अभियान के लिए चुना था। 1976 में सर्नन रिटायर हुए। रिटायर होने के बाद से वह अंतरिक्ष से जुड़े मुद्दों पर टीवी चैनलों पर विशेषज्ञ के तौर पर आते थे। सर्नन ने अपने जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी।

सर्नन का जन्म 14 मार्च 1934 को शिकागो में हुआ था। सर्नन का भरपुरा परिवार उनके गुजर जाने के बाद पीछे छूट गया है, जिनमें उनकी पत्नी, एक बेटी, दौ सौतेली बेटियां और नौ पोते-पोतियां हैं।

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