जिन्दगी की जंग हार गए सियाचिन जीतने वाले हीरो लांस नायक हनुमनथप्पा

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Updated on 4 Nov, 2016 at 3:57 pm

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देशभर में जिस शख्स की सलामती की दुआएं चल रही थी वो हमारे बीच नहीं रहे। सियाचिन में गत 3 फरवरी को हुए दुर्गम भूस्खलन के बाद छह दिन तक 25 फुट नीचे बर्फ में दब कर जिन्दा रहने वाले लांस नायक हनुमनथप्पा को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने आज 11.45 बजे अंतिम सांस ली।

सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन और समचाार एजेंसी ANI ने इसकी पुष्टि की है।


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दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज़ के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके कई अंग काम नहीं कर रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत भी हो रही थी। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल जाकर हनमनथप्पा की स्थिति का जायज़ा लिया था। उन्होंने भी उनके निधन पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की।

आपको बतादे कि हनमंतप्पा को रेस्क्यू को रेस्क्यू में 6 दिनों बाद राहतकर्मियों ने खोज निकाला था। और तुरंत बाद उन्हें अस्पताल भेज दिया था। उनकी हालत कई दिनों से बेहद नाज़ुक बनी हुई थी और वह कोमा थे।

हनमनथप्पा की सलामती के लिए भारत के कई हिस्सों में लोगों ने प्राथनाएं की थीं।

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