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13 साल की ओडिशा की एक छात्रा को ‘मक्के’ ने दिलाया अन्तर्राष्ट्रीय गूगल विज्ञान पुरस्कार।

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4:19 pm 21 Nov, 2015

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ललिता प्रसीदा श्रीपदा श्रीसाई, एक ऐसा नाम है, जिसने छोटी सी उम्र में काबिलेतारीफ काम कर दिखाया है। नालको द्वारा संचालित दिल्ली पब्लिक स्कूल, दामनजोड़ी की कक्षा-9 की छात्रा 13 वर्षीय ललिता प्रसीदा श्रीपदा श्रीसाई ने अन्तर्राष्ट्रीय गूगल विज्ञान पुरस्कार जीता है।

ललिता को प्रतिष्ठित गूगल विज्ञान मेले में ‘समुदाय प्रभाव’ हेतु किए गए आविष्कार के लिए यह पुरस्कार मिला। विजेताओं की घोषणा कैलिफोर्निया स्थित गूगल मुख्यालय से लाइव की गई। पुरस्कार के रूप में ललिता को 10,000 डॉलर की नकद राशि और एक प्रशंसापत्र मिला है। इसके अतिरिक्त, संगठन परियोजना को सफल बनाने के लिए एक वर्ष तक ललिता का मार्गदर्शन करेगी।


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ललिता ने यह पुरस्कार 13 से 15 वर्ष आयु के वर्ग में जीता। उसने एक ऐसा उपकरण बनाया, जिसमें मक्के का प्रयोग कर पानी को शुद्ध किया जा सकता है। इस पानी को शुद्ध करने वाले वॉटर प्यूरीफायर की ख़ास बात यह है कि यह किफायती है जो कि ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

जहाँ एक तरफ ललिता की इस उपलब्धि को लेकर उसका पूरा परिवार बेहद खुश है, वहीं डीपीएस दामनजोड़ी के प्रधानाध्यापक ने ललिता के बारे में कहा कि वह स्कूल से जुडी अतिरिक्त गतिवधियों में भी, चाहे वो संगीत हो या नृत्य, हमेशा भाग लेती आई है।

ललिता की ये उपलब्धि उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो विज्ञानं के क्षेत्र में या फिर किसी दूसरे क्षेत्र कुछ अभिनव करना चाहते हैं। एक निश्चित सोच, लगन और एक मकसद के साथ ललिता इस मुकाम पर पहुंची है।

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