रियो ओलंपिक्स में ललिता ने रचा इतिहास, 32 साल बाद फाइनल में पहुंची महिला एथलीट

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6:02 pm 14 Aug, 2016

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रियो ओलिंपिक में भारतीय खेमें से अच्छी खबर आई है। भारत की लंबी दूरी की महिला धावक ललिता बाबर ने ओलंपिक खेलों में भारत के एथलेटिक्स इतिहास में नया अध्याय रचते हुए 3000 मीटर स्टीपलचेस स्पर्धा के फाइनल में अपनी जगह बना ली है।

इसके साथ ही 27 वर्षीया ललिता पिछले 32 सालों में ट्रैक स्पर्धा में ओलिंपिक एथलेटिक्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला बन गई हैं। उनसे पहले पीटी उषा ने ऐसा किया था।

ललिता से पहले उषा 1984 में लास एंजिलिस ओलंपिक में महिलाओं की 400 मीटर के ट्रैक स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन कुल सेकंड्स के अंतर से कांस्य पदक से चूक गई थीं।

महाराष्ट्र के सातारा जिले से ताल्लुक रखने वाली ललिता फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली 15 एथलीटों में सातवें स्थान पर रहीं।

ललिता ने 9 मिनट 19.76 सेकंड का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया है। इससे पहले 9 मिनट 26.55 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड सुधा सिंह के नाम दर्ज था।


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दक्षिण कोरिया में इंचियोन एशियाई खेल में ललिता ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।

ललिता का फाइनल मुकाबला सोमवार यानी 15 अगस्त को होगा। ललिता का अपने फाइनल मुकाबले को लेकर कहना है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती है।

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