जापान साइंस कांग्रेस: भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे मजदूर और किसान के बच्चे

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Updated on 19 Jan, 2016 at 1:35 pm

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जापान में आयोजित होने जा रही साइंस कांग्रेस में भारत का प्रतिनिधित्व मजदूर और किसान के बच्चे करने जा रहे हैं। 15 वर्ष की पुष्पा कुमारी और 16 वर्ष के अनिल सिंह भारतीय छात्रों के उस समूह का हिस्सा हैं, जो जापान-एशिया युथ एक्सचेन्ज प्रोग्राम इन साइंस में भाग लेगा।

झारखंड के बुन्डू में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा पुष्पा कुमारी ने ग्रामीण बच्चों में कुपोषण का दूर करने का तरीका इजाद किया है। दरअसल, पुष्पा ने पोषणयुक्त सस्ता बेबी फूड ‘बाल अमृत’ बनाया है, जो सिर्फ 59 रुपए प्रतिकिलो की दर पर उपलब्ध हो सकता है। यह बाजार में मौजूद अन्य बेबी फूड की तुलना में बेहद सस्ता है।

बच्चों के लिए बने इस उत्पाद में गेंहू, मुंगफली, सोयाबीन और आयोडिन नमक सहित 15 तत्व मौजूद हैं। ‘बाल अमृत’ का चयन भारत सरकार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया है़ और इसे जल्दी ही बाजार में लॉन्च किए जाने की योजना बन रही है।



पुष्पा के पिता दैनिक मजदूर का काम करते हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि पुष्पा 11 वर्ष की अवस्था तक स्कूल नहीं जा सकी थी और घर के काम में अपने परिवार का हाथ बंटाती थी। उसने छठी कक्षा में स्कूल की शुरुआत की।

पिछले साल दिसम्बर महीने में आईआईटी दिल्ली में INSPIRE अवार्ड स्कीम के तहत पुष्पा 5 छात्रों का चयन किया गया था, जिसमें एक पुष्पा भी थी। जापान यात्रा के लिए पुष्पा का पासपोर्ट व वीजा भारत सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा है।

झारखंड का एक अन्य छात्र अनिल सिंह भी जापान जाने वाले भारतीय छात्रों के समूह का हिस्सा है। किसान के बेटे अनिल ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है जिससे कोयले का खनन करने के बाद धूल और मिट्टी को वापस पृथ्वी के अंदर दबा दिया जा सकता है। इस मॉडल का चयन भी INSPIRE अवार्ड स्कीम के तहत किया गया था।


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