कोलकाता बन गया है काला धन सफेद करने वालों का पसंदीदा अड्डा

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Updated on 14 Feb, 2017 at 3:50 pm

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कोलकाता में भले ही व्यवसाय न हो। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां से अपना कारोबार समेट कर निकल रही हो। इसके बावजूद इस शहर की शान कम नहीं हुई है। जी हां, कोलकाता शहर काला धन को सफेद बनाने वालों का पसंदीदा अड्डा बन गया है। यह सही मायने में सिटी ऑफ ज्वॉय की अपनी संज्ञा को चरितार्थ कर रहा है।

खासकर, काला धन सफेद करने वालों के लिए यह सिटी ऑफ ज्वॉय ही साबित हो रहा है।

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह शहर इन दिनों काले धन को सफेद करने के मकसद से बनाई जाने वाली फर्जी कंपनियों का ‘पसंदीदा अड्‌डा’ बना हुआ है।

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सांकेतिक तस्वीर


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इस रिपोर्ट में एक आयकर अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस शहर में करीब 90 फीसदी फर्जी कंपनियां हैं। यहां सिर्फ 50 से 70 हजार रुपए में फर्जी कंपनी बन सकती है और इसका मुख्य काम टैक्स बचाने में किया जाता है। शहर में बड़ी संख्या में चार्ट्ड अकाउन्टेन्ट मौजूद हैं। उनके लिए कंपनियों का निदेशक खोजना आसान है। यहां ऐसे लोग मौजूद हैं, जो महज कुछ हजार रुपए लेकर कंपनी का निदेश बनने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसी फर्जी कंपनियों के निदेशक चाय वाले से लेकर सुरक्षाकर्मी तक हो सकते हैं।

आयकर विभाग ने इस तरह की करीब डेढ़ लाख से अधिक कंपनियों के बारे में पता लगाया है। साथ ही 6 हजार से अधिक चार्ड्ड अकाउन्टेन्ट की पहचान की गई है जो इस तरह के काम में लिप्त हैं।

गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय टैक्स चोरों को कठघरे में खड़ा करने की जद्दोजहद में है। फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

अखबार की इस रिपोर्ट में एक सैंपल सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि नवंबर-दिसंबर में ही फर्जी कंपनियों में करीब 1,238 करोड़ रुपए नकद जमा कराए गए। इन कंपनियों के मार्फत 559 लोगों ने 54 पेशेवरों की मदद से 3,900 करोड़ रुपए की काली कमाई को सफेद किया।

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