Kumbh Mela 2019: किन्नर अखाड़े की पेशवाई के आगे फीके पड़े साधुओं के शाही अखाड़े

6:49 pm 11 Jan, 2019

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इस साल होने वाले कुंभ के लिए प्रयागराज पूरी तरह तैयार हो चुका है। 14 जनवरी से कुंभ मेले की शुरुआत हो जाएगी। देशभर से साधु-संतों और भक्तों ने मेले में आने की तैयारी शुरु कर दी है। बहुत से लोग शहर में जुटने भी लगे हैं। वैसे तो प्रयागराज (इलाहाबाद) के अलावा कुंभ का आयोजन 3 अन्य शहरों में किया जाता है। लेकिन प्रयागराज के कुंभ में लोगों का जमावड़ा सबसे अधिक होता है। लोगों का मानना है कुंभ के पावन दिनों के दौरान गंगा में स्नान करने से उनके सभी पाप धुल जाते हैं।

 

 


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लेकिन इस बार का कुंभ कई मायनों में अलग है। 2019 में होने वाले कुंभ से पहले शहर में एक अनूठी देवत्व यात्रा का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

 

खास बात ये है इस देवत्व यात्रा को किन्नरों ने निकाला था। ये पहला मौका था जब किन्नरों ने कुंभ के दौरान पेशवाई का आयोजन किया था। कुंभ में अबतक 13 अखाड़ों को ही पेशवाई का अधिकार प्राप्त था, किन्नर अखाड़े के आ जाने के बाद अब कुंभ में कुल 14 अखाड़े भाग ले रहे हैं।

 

 

किन्नर अखाड़े की ये देवत्व यात्रा को पूरी शानोशौकत से निकाला गया। इस यात्रा के दौरान अखाड़ा प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हाथ में तलवार लिए जय महाकाल के नारे लगाते नज़र आईं। शहर में बड़े ही अनूठे ढंग से देवत्व यात्रा निकाली गई। इस यात्रा को देखने के लिए सड़कों और छतों पर लोग चढ़ गए। इस यात्रा में आगे भगवान महाकाल की शोभा यात्रा निकाली गई तो वहीं पीछे बग्गी में अखाड़ा पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

 

यात्रा में किन्नरों के रथ के साथ डमरू टीम भी नज़र आई, जिसकी धुन पर शहर के लोग थिरकते नज़र आए। प्रयागराज में पहली बार निकली किन्नरों की देवत्व यात्रा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।


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