इस खास ट्रेन से चीन पहुंचा किम जोंग, कभी दादा और पिता भी किया करते थे इसमें सफर

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Updated on 28 Mar, 2018 at 8:05 pm

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उत्तर कोरिया के सुप्रीम कमांडर किम जोंग उन की दुनियाभर में पहचान एक सनकी तानाशाह के तौर पर है। अमेरिका से तो उसका छत्तीस का आंकड़ा है। अमेरिका के कई शहरों को उड़ा देने की धमकी देने से लेकर परमाणु हथियार दागने तक, वह पूरे विश्व को अपनी धाक दिखाने से बाज नहीं आता।

 

 

उधर, आजकल ये तानाशाह अपनी धमकियों को लेकर नहीं, बल्कि अपनी चीन की चार दिवसीय यात्रा को लेकर चर्चा में है। तानाशाह किम अपनी पत्नी री सोल जू के साथ चीन पहुंचा है।

 

 

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात और उसके राजनयिक जिस ट्रेन से चीन पहुंचे, वो चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

दरअसल, किम जिस ट्रेन से चीन पहुंचे, वह कोई आम ट्रेन नहीं है। इस ट्रेन का इतिहास काफी पुराना है। इसी ट्रेन से उनके पिता और उनके दादा भी सफर करते थे। 1949 में उनके दादा किम इल संग इसी ट्रेन से मॉस्को गए थे। यह ट्रेन  रूस के स्टालिन ने उनके परिवार को गिफ्ट में दी थी।

 

 

21 आलीशान हरे रंग के डिब्बों वाली ये ट्रेन किसी शाही सवारी से कम नहीं है। जानिए इसकी खासियत।

 

 

किम की यह बुलेट ट्रेन पूरी तरह से बुलेट प्रूफ है और हर तरह के हथियारों से लैस है।

 

 

बुलेट प्रूफ ट्रेन होने के कारण यह साधारण ट्रेन की तुलना में कई गुना भारी है। भारी होने की वजह से इस ट्रेन की स्पीड काफी कम है। ये ट्रेन सिर्फ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से ही दौड़ती है।


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मॉर्डन कम्‍यूनिकेशन टेक्‍नोलॉजी से लैस इस ट्रेन में खातिरदारी के लिए स्टाफ मौजूद रहता है।

 

 

घर जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर, खाने-पीने के लिए सब चीजों का बंदोबस्त इस ट्रेन में है।

 

 

इस ट्रेन के अंदर आप रशियन, चाइनीज, कोरियन, जापानी और फ्रेंच हर तरह के खाने की फरमाइश कर सकते हैं।

 

 

किम की ट्रेन में उसकेके मनोरंजन के लिए कुछ महिलाएं भी होती थीं, जिन्हें ‘लेडी कंडक्टर्स’ के नाम से जाना जाता है।

 

 

ट्रेन में मर्सिडिज गाड़ियां भी रहती हैं।

 

 

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