सिर हिलाने के तरीके से पकड़ा गया बेटी का हत्यारा पिता

Updated on 1 Sep, 2017 at 4:46 pm

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मुजरिम कितना भी चालाक क्यों न हो उसकी एक ग़लती काफी होती है उसे सलाखों के पीछे डालने के लिए। यह अलग बात है कि कई बार वह एक गलती पकड़ने में जांच एजेंसियों को सालों लग जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ इंग्लैंड में रहने वाले पाकिस्तान के एक दंपति के साथ जिन्होंने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी थी, वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि बेटी आधुनिक विचारों वाली थी। यह मर्डर मिस्ट्री किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

क्या है मामला?

वर्ष 2003 में इंग्लैंड के ब्रैडफोर्ड इलाके में रहने वाली पाकिस्तान मूल की 17 साल की शफीला अचानक अपने घर से गायब हो जाती है और बेटी के गायब होने के करीब हफ्ते भर बाद पिता इफ़्तिकार अहमद और मां फरजाना अहमद बेटी के गायब होने की एफआईआर दर्ज कराते हैं। उस वक्त तो हत्यारा पिता पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया, लेकिन एक इंटरव्यू में उसकी बॉडी लैंग्वेज ने उसके जुर्म की पोल खोल दी। इंटरव्यू में जब शफीला के पिता इफ़्तिखार अहमद से पूछा गया कि क्या आपकी बेटी के गायब होने में आपका हाथ है? तो अहमद का जवाब था ‘नहीं, मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता’।

बॉडी लैंग्वेंज विशेषज्ञ क्लिफ़ लैंसले ने इफ़्तिखार और फ़रजाना अहमद की फ़ुटेज को जांचने के बाद पाया कि  सच्चाई दरअसल अहमद के बयान में नहीं, बल्कि उसके हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेंज में छिपी हुई थी।


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लैंसले के मुताबिक, जब उसने जवाब दिया तो उसका सिर ऊपर और नीचे की दिशा यानी सहमति में था और उसी समय उसने जवाब भी दिया था। उसकी आंखे हल्की बंद थी और आवाज़ थोड़ी धीमी हो चुकी थी और वो सहमति में सिर हिला रहा था।

आखिरकार शफ़ीला के गायब होने के 9 सालों बाद सच सामने आया। दरअसल, शफीला के पिता ने प्लास्टिक बैग से बेटी का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। आरोप साबित होने के बाद 2012 हत्यारे पिता को को आजीवन कैद की सज़ा सुनाई गई थी। शफ़ीला की बॉडी उसके घर से 70 मील दूर केंट नदी के पास मिली थी। जज ने 52 साल के अहमद और 49 साल की फ़रजाना को कम से कम 25 साल की कैद की सज़ा सुनाई थी और 2003 में गायब हुई शफ़ीला का केस 9 सालों बाद 2012 में हल हो पाया था।



सिर हिलाने का व्यकित के इरादों से गहरा संबंध है

मनोविज्ञान के विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कोई शख़्स सच कहता है लेकिन अपने सिर को ‘न’ की अवस्था में हिलाता है, तो उस पर संदेह बढ़ जाता है। ऐसे ही अगर कोई व्यक्ति झूठ बोलता है लेकिन सिर को ऊपर नीचे ‘हां’ की अवस्था में हिलाता है तो भी ये विरोधाभास है और ऐसे में सामने वाले शख़्स पर शक बढ़ जाता है। अहमद के मामले में भी ऐसा ही विरोधाभास हुआ।

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मनोविज्ञान और बॉडी लैंग्वेंज का आपके व्यक्तित्व पर कितना गहरा असर होता है।


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