Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

मासूम बच्चों ने एक दिव्यांग लड़की को अपनी जेब खर्च के पैसों से दिलाई व्हीलचेयर

Published on 25 January, 2017 at 4:58 pm By

बच्‍चे मन के सच्‍चे होते हैं। बच्चों का भोलापन मधुर होता है। उनके मन में केवल करुणा और प्यार ही भरा होता है। ये बातें राजस्थान  के श्रीगंगानगर जिले की एक नन्ही बच्ची और उसके सहपाठियों पर एकदम फिट बैठती हैं। इन बच्चों की दिल लुभानेवाली मासूमियत सिर्फ़ मन ही नही मोह रही, बल्कि उनका करुण स्वभाव एक दिव्यांग बच्ची के जीवन में रंग भी घोल रहा है।

हर आम आदमी के दिल को छू जाने वाली यह कहानी हमें बताती है कि कैसे कक्षा 2 में पढ़ने वाले मासूम बच्चों ने एक दिव्यांग बच्ची को अपनी जेब खर्च के पैसों को बचाकर व्हीलचेयर दिलाई।


Advertisement

कक्षा 2 में पढ़ने वाली नन्हीं छात्रा ख्याति आज अपने करुणा और प्यार से लबरेज़ मासूमियत से सबका मन मोह रही है। ख्याति राजस्थान के ‘स्टेपिंग स्टोन इंग्लिश मॉडर्न स्कूल’ में पढ़ती हैं। एक दिन वो अपने दादा जी के साथ जब टहल रही थी, तो उसने एक दिव्यांग महिला को साइड व्हील वाली स्कूटर चलाते देखा। ख्याति ने यह दृश्य देखकर अपने दादा जी से पूछाः

“हमारे स्कूल में एक लड़की आई थी, वो बहुत मुश्किल से चल रही थी। उसके पास ऐसा चलने वाला स्कूटर क्यों नहीं हो सकता दादा जी?”



ख्याति के दादा एक सेवानिवृत्त डॉक्टर हैं। उनके पास मौका था कि पोती को समाज के बारे में सिखाने का। उन्होंने ख्याति को बताया कि कैसे कुछ लोग इतने गरीब होते हैं कि अपने लिए बैसाखी भी नहीं खरीद सकते।

दादाजी ने अपने पोती के इस मासूमियत पर चुटकी लेते हुए यह भी सुझाया कि उसके गुल्लक में भी तो पैसे हैं। वह अगर चाहे तो वो उनकी कुछ मदद कर सकती है। बस क्या था, यहीं से उस दिव्यांग बच्ची के लिए व्हीलचेयर खरीदने की योजना बनने लगी।

ख्याति ने अपने क्लास के 25-30 बच्चों से पैसे इकठ्ठा किए। कुछ ने 100 दिए तो कुछ ने 1000 रुपए। ख्याति ने सबसे कहा कि यह पैसे एक नेक काम के लिए हैं और देखते ही देखते उसके पास इतने पैसे आ गए जिससे व्हीलचेयर खरीदा जा सके। उस दिव्यांग बच्ची का नाम ऊषा है और कुछ दिन पहले ही बच्चों ने उसे अपने पैसों से व्हीलचेयर खरीदकर भेंट की।

ऊषा एक मज़दूर की बेटी है, वह मूक और बाधिर भी है। ऊषा श्रीगंगानगर जिला के हारकेवला गाँव के  एक सरकारी स्कूल में पढ़ती है। ख्याति उसे मुश्किल से जानती है।


Advertisement

कभी कभी नन्हें बच्चों के कदम अपने मासूमियत से समाज में करुणा और प्यार का संदेश दे देती हैं। ख्याति और उसी की तरह उसके भोले नन्हे साथियों को टॉपयॅप्स टीम की तरफ से सलाम।

Advertisement

नई कहानियां

सुहागरात से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग ही जानते हैं

सुहागरात से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग ही जानते हैं


नेहा कक्कड़ के ये बेहतरीन गाने हर मूड को सूट करते हैं

नेहा कक्कड़ के ये बेहतरीन गाने हर मूड को सूट करते हैं


मलिंगा के इस नो बॉल को लेकर ट्विटर पर बवाल, अंपायर से हुई गलती से बड़ी मिस्टेक

मलिंगा के इस नो बॉल को लेकर ट्विटर पर बवाल, अंपायर से हुई गलती से बड़ी मिस्टेक


PUBG पर लगाम लगाने की तैयारी, सिर्फ़ इतने घंटे ही खेल पाएंगे ये गेम!

PUBG पर लगाम लगाने की तैयारी, सिर्फ़ इतने घंटे ही खेल पाएंगे ये गेम!


अश्विन-बटलर विवाद पर राहुल द्रविड़ ने अपना बयान दिया है, क्या आप उनसे सहमत हैं?

अश्विन-बटलर विवाद पर राहुल द्रविड़ ने अपना बयान दिया है, क्या आप उनसे सहमत हैं?


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Education

नेट पर पॉप्युलर