इतिहास में पहली बार खादी और ग्रामीण उत्पादों की बिक्री 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंची

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Updated on 3 May, 2017 at 6:04 pm

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देश में खादी और ग्रामीण उद्योगों (KVIC) द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

आमतौर पर देखा जाता है कि भारत में ग्रामीण उद्योगों और खादी इकाइयों को बहुत ज्यादा मुनाफा नहीं मिलता। लेकिन पिछले साल खादी और ग्रामोद्योग द्वारा उत्पादित वस्तुओं ने 50 हजार करोड़ से ज्यादा की बिक्री की है।

अभी तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब देश में खादी और ग्रामीण उद्योगों की बिक्री 50,000 करोड़ रुपए के पार कर गई है।

अंग्रेजी अखबार इकोनोमिक टाइम्स के मुताबिक, सरकार के प्रोत्साहन और प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के चलते खादी की बिक्री में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।

वहीं इसी के साथ ही ग्रामीण उद्योगों द्वारा तैयार शहद, साबुन, फर्नीचर, ऑर्गेनिक फूड जैसे कई उत्पादों की बिक्री में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है।


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खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष के दौरान ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 24% बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई है।

अकेले खादी उत्पादों की बिक्री भी 33 प्रतिशत बढ़कर 2,005 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जो वित्त वर्ष 2015-16 में 1,635 करोड़ रुपये थी।

अब सरकार का अगला लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2018-19 में खादी वस्त्रों की बिक्री को 5 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाना है। साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतारने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि दुनियाभर में इसे पहचान मिल सके।

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