इस अनोखे मंदिर में मर्द बन जाते हैं औरत, साड़ी पहन पूरे सोलह श्रृंगार के साथ करते हैं पूजा-अर्चना

Updated on 20 Sep, 2018 at 1:01 pm

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भारत में अनंत विविधताएं हैं और यही इसको खास बनाती है। यहां अलग-अलग धर्म हैं तो समान धर्म में भी विविध मान्यताएं मौजूद हैं। केरल की सांस्कृतिक राजधानी तृश्शूर के पुन्कुन्नाम स्थित कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर विशेष कारण से प्रसिद्ध हो रहा है। इस अनोखे मंदिर से जुड़ी मान्यताएं इसे अन्य मंदिरों से अलग करती है।

 

औरतों के लिए तो ये मंदिर आम मंदिरों की तरह ही है, लेकिन पुरुषों को अगर इस मंदिर में प्रवेश करना है तो उन्हें महिला का रूप धारण करना पड़ता है।

 

Kottankulangara Temple (कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर)

wikimedia.org


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यहां पुरुषों को महिलाओं का रूप धारण करने और पूरे सोलह श्रृंगार करने के बाद ही मंदिर में अनुमति मिलती है। इस मंदिर में आने वाले पुरुष साड़ी, जेवर, पूरे मेकअप और बालों में गजरा लगाकर आते हैं।

 

इस मंदिर में ये परंपरा बरसों से चली आ रही है। कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर में हर साल चाम्याविलक्कू उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान करीब 4000 से 5000 हजार पुरूष मंदिर में महिला का भेष लिए माता की आराधना करते हैं। पुरुष अच्छी नौकरी, सेहत और अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।

 



 

मंदिर में प्रवेश करने से पहले पुरुष का फुल मेकअप किया जाता है। दाढ़ी काटकर साड़ी पहनाई जाती है। इतना ही नहीं, उन्हें विग लगाकर महिलाओं की तरह सजाया जाता है। गौरतलब है कि मंदिर परिसर में ही सजने-संवरने के भरपूर इंतजाम किए गए हैं।

 

 

कहा जाता है कि सालों पहले इस जगह कुछ चरवाहों ने महिलाओं की तरह कपड़े पहनकर पत्थर पर फूल चढ़ाए थे। इसके बाद पत्थर से दिव्य शक्ति निकलने लगी। इस कारण यहां ये परंपरा निभाई जाती है।

 

darpanmagazine


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