करणी सेना ने आखिरकार देखी ही ली ‘पद्मावत’, फैंस और फिल्म मेकर्स के लिए अच्छी खबर!

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Updated on 24 Jan, 2018 at 6:17 pm

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जबसे ‘पद्मावती’… ओह सॉरी!!! माफ़ करिएगा ‘पद्मावत’ फिल्म की शूटिंग शुरू हुई, तब से राजपूत करणी सेना इसका विरोध कर रही है। उनका मानना है कि इसमें रानी पद्मावती का चित्रण गलत परिप्रेक्ष्य में किया गया है। उन्हें अपमानित किया गया है।

 

जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज़ डेट नजदीक आती गई, विरोध प्रद्रशन शुरू होने लगे। उन्होंने फिल्म रिलीज़ होने पर सिनेमाघरों को फूंकने तक की धमकी दी।


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हालांकि, इस विरोध के बीच खबर आई कि करणी सेना के विरोध को देखते हुए निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली ने फिल्‍म ‘पद्मावत’ को देखने के लिए राजपूत समाज को न्‍योता दिया था। इसके बाद करणी सेना ने भी रिलीज़ से पहले फिल्म देखने का निमंत्रण स्वीकार किया।

 

 

23 जनवरी को वायकॉम 18 ने करणी सेना के 40 प्रतिनिधियों के लिए “पद्मावत” की स्क्रीनिंग का आयोजन किया, जिसमें मीडिएटर की भूमिका निभा रहे सुरेश चव्हाणके ने फिल्म देखने के बाद ट्वीट कर कहा कि भंसाली राजपूतों की मांगों के आगे झुके और यह उनकी जीत है।

 

साथ ही उन्होंने इसका एक विडियो भी शेयर किया। फिल्म देखने के बाद करणी सेना के प्रतिनिधियों ने नारे भी लगाए- ”झुका भंसाली, जीता राजपुताना।”

 

चव्हाणके के मुताबिक, करणी सेना के प्रदर्शन की वजह से ही रानी पद्मावती की छवि खराब होने से बच गई। मीडिया से बातचीत में चव्हाणके ने कहा कि ऐसा बहुत बार हुआ है कि बॉलीवुड ने भारतीय संस्कृति और भारतीय इतिहास का अपमान किया है। इस बार राजपूतों ने ऐसा नहीं होने देने का निर्णय किया था।

 

उनके अनुसार, फिल्म देखने के बाद, वह यह कह सकते हैं कि भंसाली ने राजपूतों की सभी मांगों को मानते हुए बदलाव किए हैं।  उन्होंने कहाः

 



“यह करणी सेना और राजपूतों की जीत है। भंसाली झुका और राजपूत जीता। भंसाली को वे सभी सीन हटाने पड़े जिन पर ऐतराज किया गया था।”

 

 

हालांकि, करणी सेना प्रमुख लोकेंद्र सिंह कलवी का कुछ अलग ही कहना है। कलवी ने कहा है कि करणी सेना के किसी भी सदस्य ने फिल्म नहीं देखी है और फिल्म को लेकर उनके संगठन का विरोध जारी रहेगा। कलवी ने कहा-

“हम अपने उस रुख पर अटल हैं कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। 25 जनवरी आए और जाए लेकिन हम फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।”

बार-बार फिल्म मेकर्स की तरफ से आश्वासन देने के बावजूद करणी सेना ने कई जगह हिंसा की। उनका आरोप था कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच इंटीमेट सीन है, इसलिए वो फिल्म पर बैन की मांग कर रहे हैं। लेकिन फिल्म निर्माता शुरू से ही ये बात खारिज करते आए हैं कि कुछ ऐसा है ही नहीं।

 

 

हालांकि, अभी भी देश के कई हिस्सों में फिल्म के विरोध में हिंसा की खबरें आ रही हैं। गुजरात में अहमदाबाद में एक मॉल के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया गया।

 

उपद्रवियों ने मॉल पर धावा बोलते हुए वहां खड़े करीब 4 दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस को उत्पातियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज के साथ-साथ हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।

 

इस मामले पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह ने कहा कि मॉल में तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।उन्होंने कहा कि अभी इन लोगों से पूछताछ जारी है कि यह लोग किस संगठन से हैं। मंत्री प्रदीप सिंह ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा कि फिल्म का विरोध करने वालों को अशांति फैलाने की छूट किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।

उधर पद्मावत की ज्‍वाला दिल्‍ली-एनसीआर तक भी पहुंच चुकी है। बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के कई जिलों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कार्यकर्ताओं दिल्ली-हाईवे जाम कर दिया। इसके मद्देनजर दिल्‍ली के दिल्‍ली के कई मॉल्स में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

फिल्म 25 जनवरी को बड़े परदे पर उतरने वाली है, जिसका इंतजार फैंस को बेसब्री से है।


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