कभी निभाया था काजोल के मंगेतर का किरदार, 20 साल बाद बदला ऐसा लुक कि पहचानना हुआ मुश्किल

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Updated on 7 Mar, 2018 at 4:54 pm

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1998 में आई काजोल और अजय देवगन की फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ आपने देखी ही होगी। फिल्म में काजोल, अजय के अलावा बिजय आनंद भी थे, जिन्होंने फिल्म में काजोल के मंगेतर का किरदार निभाया था।

 

विजय आनंद के करियर की शुरुआत अच्छी हुई थी। फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ सुपरहिट होते ही उनकी झोली में फिल्मों की झड़ी लग गई थी।

 


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उन्हें बतौर लीड एक्टर काम करने के लिए एक साथ 22 फिल्मों के ऑफर मिले। लेकिन तब उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपने मन की सुनी और इंडस्ट्री को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

 

 

तब से लेकर अब तक लगभग 20 साल बीत चुके हैं। बिजय आनंद का लुक अब पूरी तरह बदल चुका है। अब वह फिल्म और एक्टिंग से दूर कुछ ऐसा कर रहे हैं जो एक दम हटकर है। उस दौर के बिजय और आज के बिजय को पहचानना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा है। उन्होंने अपनी जिंदगी आध्यात्मिकता और योग को समर्पित कर दी है।

 

जैसे जैसे उन्होंने योग से सम्बंधित सम्मेलनों में भाग लेना शुरू किया, उनका रुझान बड़े पर्दे से कम होते चला गया। द एशियाई एज की एक पुरानी रिपोर्ट में बकौल बिजय लिखा गया-

 

“मैंने गरीबी और संघर्ष सब कुछ देखा है और मैं हमेशा से एक्टर बनना चाहता था। लेकिन बाद में मुझे अहसास हुआ कि इन सबका कोई मतलब नहीं।”

 

 

योग के प्रति अपने लगाव के बारे में बताते हुए बिजय आनंद ने कहा –

 

“मेरी बॉडी स्टिफ थी। मुझे लगा कि योग इसे फ्लेक्सिबल करने में मेरी मदद करेगा। सिर्फ 36 साल की उम्र में मुझे आर्थराइटिस हो गया। कॉलेस्ट्रोल हाई पाया गया। तब मुझे कुंडलिनी योग के बारे में पता चला। अगर आपकी आत्मा खुश नहीं है तो शरीर बीमारियों से घिर जाता है। मुझे एहसास हुआ कि मेरा स्टिफ शरीर मेरे क्रोध के कारण था। और जैसे ही मैंने अपने क्रोध को अपने शरीर से बाहर निकालना शुरू किया, मेरा शरीर लचीला हो गया।”

 

लेकिन 17 साल के लम्बे अंतराल के बाद एक बार फिर से बिजय आनंद की स्क्रीन पर वापसी हुई। इस बार पर्दा छोटा था। जो किरदार उन्होंने वापसी के लिए चुना वो धार्मिक ही था। वह 2015 में आए टीवी सीरियल ‘सिया के राम’ में राजा जनक के किरदार में नजर आए।

 

 

ऐसा कहा जाता है कि इन 17 सालों के बीच उन्होंने कुंडलिनी योग सीखने और फिर इसे दूसरे लोगों को सिखाने में लगा दिए।

 

इतने लम्बे अंतराल के बाद वापसी करने पर वह बिलकुल भी असहज नहीं हुए। वापसी के अपने अनुभव को बताते हुए उन्होंने कहा –



 

“जब इस शो के लिए मैंने कैमरे का सामना किया, तो ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि मैं 17 सालों बाद यह कर रहा हूं।  वह 17 साल,  17 मिनट की तरह लग रहे थे। यह वास्तव में अब आसान है, क्योंकि अब मैं जीवन को बेहतर समझता हूं। इससे पहले मैं अभिनय करता था, लेकिन अब मैं कैमरे पर खुद ही हूं।”

 

वापसी करने का कारण

 

इस पर बात करते हुए उन्होंने बताया-

 

“मैं आज एक योग शिक्षक हूं।  मेरा धर्म और कर्म लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सिखाना है। मुझे एहसास हुआ कि मैं कहां सिखाता हूं ये महतवपूर्ण नहीं है, चाहे वह कोई कक्षा हो या स्क्रीन। यहां तक कि मेरा चरित्र जनक भी एक शिक्षक थे। यह वही किरदार है, जो असल में मैं अपने जीवन में हूं। जब शो के प्रोडूसर निखिल सिन्हा ने मुझे इस किरदार के लिए एप्रोच किया तो उन्होंने मुझसे कहा था – आप जनक का किरदार निभाने वाले अभिनेता नहीं है, आप खुद जनक हैं, यही वजह है कि मैं आपको इस किरदार में देखना चाहता हूं। इस किरदार के लिए मैं आपकी जगह किसी और के बारे में नहीं सोच सकता।”

 

 

इस तरह प्रोडूसर से बातचीत के बाद बिजय आनंद जनक का किरदार निभाने के लिए राजी हुए।

 

 

जब बिजय की वापसी हुई उनके लुक ने सबको हैरान कर दिया। बढ़ी हुई दाढ़ी और रफ एंड टफ शरीर। बता दें कि दाढ़ी सिर्फ सीरियल के लिए नहीं बढ़ाई गई थी, बल्कि यह अब उनके वजूद का हिस्सा बन चुकी है।

 

 

वहीं अपने पर्दे से एकांतवास के दौर में बिजय आनंद ने मराठी एक्ट्रेस सोनाली खरे से शादी की।  दोनों की सनाया आनंद नाम की एक बेटी भी है।

 

 

क्या आपको लगता है कि बिजय आनंद का ये स्वरुप अविश्वसनीय है? कमेंट कर हमारे साथ अपने विचार साझा करें!


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