रिटायर हुए विवादित जस्टिस कर्णन, नहीं हुआ कोई विदाई समारोह

Updated on 13 Jun, 2017 at 4:51 pm

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विवादों से घिरे कोलकाता उच्च न्यायालय के जस्टिस सी. एस. कर्णन का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो गया। उनके सेवानिवृत्त होने पर उनके लिए कोई विदाई समारोह नहीं किया गया।

62 वर्षीय न्यायमूर्ति कर्णन को अदालत की अवमानना के मामले में उच्चतम न्यायालय ने छह माह कैद की सजा सुनाई थी। कर्णन इस मामले में 9 मई से गिरफ्तारी से बच रहे हैं। वह किसी उच्च न्यायालय के पहले ऐसे वर्तमान न्यायाधीश है, जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने जेल की सजा सुनाई है।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर्णन को उच्च न्यायालय प्रशासन द्वारा विदाई दिये जाने की रस्म भी अदा नहीं की जा सकी, क्योंकि न्यायमूर्ति कर्णन उपस्थित नहीं थे। वे उपस्थित होते तो इस पर विचार किया जा सकता था।



कोलकाता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल सुगत मजूमदार ने कहा-

“प्रशासन द्वारा विदाई समारोह आयोजित किया जाता है, जिसमें न्यायाधीश और वरिष्ठ वकील होते हैं और परंपरा अनुरुप भाषण दिए जाते हैं। वह उपस्थित नहीं थे इसलिए यह नहीं हो सका।”

एक प्रक्रिया होती है जिसमें सेवानिवृत्त हो रहे जज को निमंत्रण भेजा जाता है और अगर वह स्वीकार कर लेते हैं तो जरुरी बंदोबस्त किये जाते हैं। जस्टिस कर्णन कहां है इसका पता न होने के कारण जरूरी रस्म नहीं की जा सकी।


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