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जिस स्थान पर हुई थी रोमन सम्राट जूलियस सीजर की हत्या, आज वहां बिल्लियां पलती हैं

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9:32 pm 13 Sep, 2017

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दुनिया में कई ऐसी जगह हैं, यहां तक कि कई ऐसे शहर हैं, जिनकी उपस्थिति बिल्लियों के बिना अकल्पनीय लगती है। जी हां, आपको सुनने में ये थोड़ा अटपटा लगे लेकिन ये सच है। ऐसा ही एक शहर है इस्तांबुल, जहां करीब एक लाख आवारा बिल्लियां हैं।

इन बिल्लियों का मनुष्यों के साथ अच्छा सामंजस्य हैं। लोग इन आवारा बिल्लियों को सहलाते हैं और उनकी देखभाल भी करते हैं।

ऐसी ही एक और जगह है मोंटेनेग्रो में कोटर का छोटा समुद्र तटीय शहर, यह शहर एड्रियाटिक सागर के तट पर स्थित है। इस शहर के लोगों को बिल्लियों से कितना गहरा लगाव है इसका अंदाजा यहां की एंटिक दुकानों को देखकर ही लगाया जा सकता है। इस जगह बिल्लियों को समर्पित एक विशेष म्यूजियम भी है।

हमारे लिए और आपके लिए बिल्लियां भले ही एक जानवर हो, लेकिन इस्तांबुल और कोटर के लिए ये एक सिंबल की तरह हैं। इन दो शहरों की बिल्लियां आराम से बेझिझक गलियों में घूमती हैं, जहां चाहे वहां सो जाती हैं। स्थानीय लोग भी इनका बखूबी ख्याल रखते हैं। इन सबके के बीच रोम में एक विशेष नस्ल की बिल्लियां है, जो अमूमन ऐसी जगहों पर दिखाई देती हैं, जिनका ऐतिहासिक महत्व है।


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हम यहां बात कर रहे हैं लार्गो डी टोररे अर्जेंटीना की उन जंगली बिल्लियों की, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। ये वो जगह है जहां रोमन इतिहास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना हुई थी। यहीं पर रोमन सम्राट जूलियस सीजर के लगभग 60 मंत्रियों ने षडयंत्र रच उनकी हत्या कर दी थी। सीजर के शरीर पर चाकुओं से 23 वार कर उनके बदन को छलनी कर दिया गया था।

लार्गो डी टोररे अर्जेंटीना एक प्रसिद्ध प्राचीन स्थल है, जिसमें चार रिपब्लिकन रोमन टेम्पल और पोम्पी थियेटर के ढांचानुमा अवशेष बचे हुए हैं। यह पूरा परिसर रोम स्थित प्राचीन मार्टियस का हिस्सा है, जो प्राचीन रोम के शुरुआती दिनों में कुछ नहीं था। रोमन आर्मी इस जगह अभ्यास किया करती थी, इसलिए इसका नाम युद्ध के रोमन देवता मार्स के नाम पर ‘कैंपस मार्टियस’ या ‘फील्ड ऑफ मार्स’ पड़ा।

जिस जगह पर सीजर ने अपने आखिरी शब्द ‘Et tu, Brute?’ यानी कि ‘and you, Brutus?’ कहे थे, आज वहां जंगली बिल्लियों की आवाज गूंजती है।

टोररे अर्जेंटीना में करीबन 250 बिल्लियों का आवास है। यह जगह कैट सैंक्चुअरी में तब्दील हो चुकी है। यहां कई पर्यटक बिल्लियों की इन प्रजातियों को देखने आते हैं।

कहा जाता है कि 1990 के दशक की शुरुआत में इन बिल्लियों की संख्या 99 के आसपास थी और आज वे 250 से अधिक हैं।

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