वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मार कर हत्या, SIT करेगी जांच

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3:22 pm 6 Sep, 2017

मशहूर कन्नड़ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश को राज राजेश्वरी नगर स्थित उनके आवास पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई। 55 साल की गौरी कन्नड़ भाषा की साप्ताहिक गौरी लंकेश पत्रिका की संपादक थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौरी पर हमलावरों ने सात राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान उनके सिर, गर्दन और सीने पर तीन गोलियां लगीं। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावार बाइक पर सवार थे, जो वारदात के बाद फरार हो गए। गौरी को पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। वैचारिक मतभेदों को लेकर वह कुछ लोगों के निशाने पर थीं।

गौरी लंकेश अपने तीखे तेवर और कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती थीं। वह हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं। साथ ही गौरी लंकेश मीडिया की आजादी की पक्षधर थीं।

पुलिस अब हत्या की तफ्तीश में जुटी हुई है और इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। कर्नाटक पुलिस ने हत्यारों की तलाश के लिए तीन विशेष टीम बनाई हैं। हत्या के खिलाफ आज दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।

इस क्रूर हत्या के खिलाफ लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है:

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने गौरी लंकेश की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तेजी से जांच होगी और न्याय होगा।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गौरी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने ट्वीट में लिखा- “सच को कभी खामोश नहीं किया जा सकेगा। गौरी लंकेश हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी। उनके परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए।”

मीडिया की प्रख्यात हस्ती वीर सांघवी ने कहा कि वह बतौर मित्र और प्रशंसक बेहद स्तब्ध हैं।

वहीं, जाने माने पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा कि जो लोग आवाज दबाने के लिए बन्दूक का इस्तेमाल करते हैं, वह असल में कायर हैं।

मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने ट्वीट किया है- “दाभोलकर, पंसारे, कलबुर्गी और अब गौरी लंकेश। अगर एक ही तरह के लोग मारे जा रहे हैं तो हत्यारे किस तरह के लोग हैं?”

दरअसल, जावेद अख्तर ने ऐसा इसलिए लिखा है क्योंकि एमएम कलबुर्गी, गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर की तरह ही गौरी लंकेश का भी दक्षिणपंथी संगठनों से गहरा वैचारिक विरोध था।

जबकि, वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया कि बहादुर पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली है। गौरी जिसने भाजपा को एक्सपोज किया उसे घर के बाहर गोली मार दी गई।

गौरतलब है कि गौरी की साप्ताहिक पत्रिका में 2008 में कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट छपी थी। भाजपा नेता प्रह्ललाद जोशी ने गौरी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था, जिसमें वह नवंबर 2015 में दोषी पाई गई थीं।

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