JNU छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार गिरफ्तार; जज ने पूछा कैसी आजादी चाहिए

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Updated on 13 Feb, 2016 at 10:50 am

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में अफजल गुरू को शहीद बताने और राष्ट्रविरोधी नारे लगाने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने JNU छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जावेद अली को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। बाकी लोगों की तलाश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार को शुक्रवार की शाम को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां जज ने उसे पूछा कि कौन सी आजादी चाहिए आपको? इस पर जवाब देते हुए कन्हैया ने कहा कि जब नारेबाजी हो रही थी, उस वक्त वह वहां मौजूद नहीं था। इसके बहाद कोर्ट ने कन्हैया कुमार को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।

jnu conflict

कन्हैया कुमार dailypioneer

प्रोफेसर जावेद प्रेस क्लब उस वक्त मौजूद थे, जब वहां राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए। इस बीच, केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत मां का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा।

यह है मामला

गत 9 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आतंकवादी अफजल गुरू और मकबूल भट को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद इसका आयोजन किया गया था।

JNU conflict

इसका विरोध हुआ और कुछ छात्रों ने आतंकवादियों के पक्ष में इंडिया गो बैक के नारे लगाए थे। इसके बाद 10 फरवरी को प्रेस क्लब में इसी मामले से संबंधित एक कार्यक्रम में कुछ लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाए थे।  इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। अफजल को 9 फरवरी 2013 और मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी।

JNU के मामले में बीजेपी सांसद महेश गिरी और अखिल भारती विद्यार्थी परिषद ने बसंतकुंज थाने में केस दर्ज करा दिया। वहीं, प्रेस क्लब ने राष्ट्र विरोधी नारों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है, जिसमें अलगाववादी नेता एसआर गिलानी को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

इस बीच, राष्ट्र विरोधी नारों और चल रहे कैम्पेन में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लोगों ने देश भर में जगह-जगह प्रदर्शन किया। दिल्ली में चले प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इस बीच, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की एकता और अखंडता पर सवाल उठाना अपराध है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें माफ नहीं करेगी। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।


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वहीं केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि जेएनयू या देश के किसी भी इंस्टीट्यूट में देश विरोधी नारेबाजी बर्दाश्त नहीं होगी।

इस बीच, जेएनयू मामले को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। वरिष्ठ माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि जेएनयू में जो कुछ हो रहा है, वह आपातकाल की याद दिलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों को हॉस्टल से उठा रही है।

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