पठानकोट एयरबेस हमला: पाकिस्तान की जांच टीम ने माना पाकिस्तान से आए थे आतंकी

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Updated on 12 Jul, 2016 at 8:19 pm

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पठानकोट आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान से आई जांच टीम ने पहली बार स्वीकार किया है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे। पठानकोट एयरबेस हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल (JIT) के साथ हमले से जुड़े सबूत साझा किए।

पाकिस्तान की जांच टीम पठानकोट एयरबेस हमले की जांच के लिए भारत आई हुई है। NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है:


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“उनके साथ साझा किए गए सबूतों पर एकराय कायम हो गई है। कुछ चीजों से इनकार नहीं किया जा सकता। हमने उन्हें चार आतंकवादियों की पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट सौंपी। आतंकवादियों के पास जो हथियार थे, उन पर पाकिस्तान की मुहर थी। पाकिस्तान से कॉल ट्रेस की गई। इन सब बातों से पता चलता है कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे। JIT ने इस बात से इनकार नहीं किया है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे। यही नहीं, जांच दल संदिग्धों के खिलाफ सबूत जुटा रही है, ताकि उन पर पाकिस्तान में मुकदमा चलाया जा सके।”

JIT At Pathankot

पठानकोट में पाकिस्तानी JIT के सदस्य intoday

वहीं, पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक मोहम्मद ताहिर राय की अगुवाई वाली पाकिस्तान की जांच टीम ने इस हमले से जुड़े गवाहों के बयान भी दर्ज किए। इसमें पंजाब के पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी सलविंदर सिंह और उनका रसोइया मदन गोपाल शामिल है।

Salvinder Singh

सलविंदर सिंह patrika

NIA के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय आतंकवाद-निरोधक जांच एजेंसी ने पाकिस्तान की जांच टीम को आतंकवादियों की डीएनए रिपोर्ट सौंपी है, जिसका मिलान उनके परिवार के सदस्यों से करने को कहा गया है।

NIA ने JIT से जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रउफ और खय्याम बाबर की आवाज के नमूने देने को कहा है।

गौरतलब है कि खय्याम बाबर पठानकोट हमलों के दौरान मारे गए आतंकी नासिर हुसैन की मां हैं। पठानकोट हमले के दौरान नासिर ने अपनी मां से बात की थी, जिस कारण उनकी आवाज़ का नमूना मांगा गया है।

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