केरल में तालिबानी फरमान, मेडिकल कॉलेज में लड़कियों के जींस पहनने पर रोक

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Updated on 23 Oct, 2016 at 5:39 pm

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केरल के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में अब लड़कियां जींस नहीं पहन सकती हैं। कॉलेज प्रशासन ने न केवल लड़कियों के जींस पहनने पर पाबंदी लगाई है, बल्कि उनसे कहा गया है कि वे ‘शोर करने वाले आभूषण’ पहनकर न आएं। कॉलेज प्रशासन ने नए नियमों का सर्कुलर गुरुवार को जारी किया है।

इस सर्कुलर में कहा गया है कि कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों और छात्राओं “क्या करना चाहिए” और “क्या नहीं करना चाहिए”।

सर्कुलर के मुताबिक, लड़कों को ‘साफ-सुथरे कपड़े और फॉर्मल ड्रेस व जूते’ पहनने होंगे। जबकि लड़कियों को ‘चूड़ीदार या साड़ी’ पहनने के लिए कहा गया है। यही नहीं, लड़कियों के बाल बंधे हुए होने चाहिए। सर्कुलर में साफ तौर पर लिखा गया गया है कि लड़कियां जींस या लेगिंग्स नहीं पहन सकती हैं।

इससे पहले केरल के ही कोझीकोड में एक कॉलेज ने कैंपस में लड़कियों के जींस पहनकर आने पर पाबंदी लगा दी थी।

इस सर्कुलर के आरोक में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाली लड़कियों ने शिकायत की है कि साड़ी पहनने पर उन्‍हें बाकी काम करने में दिक्‍कत होती है, साथ ही दुपट्टे का ध्‍यान रखना भी मुश्किल होता है।



इस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 17 अक्टूबर को कोझीकोड के सलाफी (कट्टर इस्लाम का संदेश देने वाला) धर्मोपदेशक ने मुस्लिम अभिभावकों से अपने बच्चों को मुख्यधारा के स्कूलों में नहीं भेजने के लिए कहा है।

इस सलाफी धर्मोपदेशक का कहना है कि मुख्यधारा के स्कूलों में पढ़ने से मुस्लिम बच्चे इस्लाम और अल्लाह से दूर हो जाते हैं और काफिर बन जाते हैं।

इस धर्मोपदेशक ने मुस्लिम अभिभावकों से बच्चों को अपने घर में ही इस्लामिक तौर तरीकों से शिक्षा देने की सलाह दी है।


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