जयललिता का फिल्म से लेकर राजनीति तक का सफर, देखिए उनकी दुर्लभ तस्वीरें

author image
6:27 pm 5 Dec, 2016

Advertisement

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता राजनीति में आने से पहले फ़िल्मी जगत की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार रही हैं। उन्होंने कई तेलुगू, कन्नड़, और तमिल फिल्मों के अलावा हिन्दी फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है।

 

आज ‘अम्मा’ के नाम से देशभर में लोकप्रिय जयललिता की गिनती देश की ताकतवर महिलाओं में होती है। उनके प्रसंशकों में उनकी लोकप्रियता का अंदाज आप इसी से लगा सकते हैं कि वह जब खुश होती हैं तो वो सब भी खुश होते हैं और अगर वह किसी तकलीफ में होती हैं तो लोग उनकी तकलीफ को अपनी तकलीफ मानते हैं। इसका प्रमाण हम कई बार देख चुके हैं।

AIADMK प्रमुख जयललिता को उनके कठोर निर्णय लेने क्षमता और मजबूत दृढ़ संकल्प के कारण तमिलनाडु में अम्मा के साथ-साथ ‘आयरन लेडी’ कहकर भी संबोधित किया जाता है। उनके समर्थक उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं। तमिल राजनीति की बहस जयललिता के जिक्र के बिना अधूरी है।

 

जयललिता का एक खूबसूरत अभिनेत्री से लेकर ‘आयरन लेडी’ बनने तक का सफर आसान नहीं रहा।

 

1948 को एक तमिल परिवार में जन्मी जयललिता के सिर से महज दो साल की उम्र में ही पिता का साया छूट गया। पिता की मौत के बाद उनकी मां उन्हें बेंगलुरु लेकर आ गईं। यहीं से फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई।

 

जयललिता अपनी स्कूली शिक्षा ले रही थी, तभी उनकी मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए राजी कर लिया। एक अभिनेत्री के तौर पर उनकी पहली फिल्म जो पर्दे पर आई उसका नाम था ‘एपिसल’ जो एक अंग्रेजी फिल्म थी। इसके बाद ये कारवां आगे बढ़ता चला गया।

 

15 साल की ही उम्र से ही जयललिता मुख्य अभिनेत्री के रूप में कन्नड़ फिल्मों में काम करने लगीं। उसके बाद कई तमिल फिल्मों में भी उन्होंने काम किया।

 

जयललिता अपने दौर की एकलौती ऐसी अभिनेत्री थी, जिन्होंने पर्दे पर स्कर्ट पहनी जो उस दौर में एक बड़ी बात थी।

 

जयललिता ने बॉलीवुड मे कई अभिनेताओं के साथ काम किया। धर्मेंद्र के साथ फिल्म ‘इज्ज़त’ में काम किया, जिसमें उनके काम को काफी सराहा गया।

 

अपनी फिल्मी करियर में जयललिता ने 300 से ज़्यादा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया।

 

उस दौर के तमिल सिनेमा के सुपरस्टार एम. जी रामचंद्रन के साथ जयललिता ने कई फिल्में दी। जयललिता ने रामचंद्रन के साथ 28 फिल्मों में काम किया। रामचंद्रन मशहूर अभिनेता तो थे ही, साथ ही भारतीय राजनीति के सम्मानित नेताओं में से एक भी थे।


Advertisement

 

jayalaltha

एम जी रामचंद्रन के साथ जयललिता india

एम जी रामचंद्रन के साथ ही उन्होंने अपनी दूसरी पारी राजनीति में शुरू की। कहा जाता है कि रामचंद्रन ही जयललिता को राजनीति में लेकर आए थे।

 

jayalalitha

रामचंद्रन के साथ शुरू की राजनीतिक पारी thenewsminute

रामचंद्रन ने अन्नाद्रमुक पार्टी का गठन कर, साल 1983 में जयललिता को पार्टी का सचिव बना दिया और उन्हें  राज्यसभा के लिए भी मनोनित कर दिया गया। इसके बाद जयललिता 1984-1989 तक राज्यसभा सदस्य रहीं।

 

जयललिता के राजनीतिक सफर में मोड़ तब आया, जब 1987 में रामचद्रंन का निधन हुआ और अन्नाद्रमुक पार्टी दो खेमों में बंट गई। एक तरफ रामचंद्रन की पत्नी तो दूसरी ओर जयललिता। वहीं, एक दिन रामचंद्रन की करीबी माने जाने वाली जयललिता ने खुद को उनकी विरासत का वारिस घोषित कर दिया।

 

amma

एक समारोह के दौरान रामचंद्रन और जयललिता cdn

जनता के बीच जयललिता काफी लोकप्रिय रहीं। यहीं कारण है कि वह 1991 में पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री चुनी गईं।

 

जयललिता न केवल तमिलनाडु की पहली निर्वाचित महिला मुख्यमंत्री चुनी गईं, बल्कि सबसे कम उम्र में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के तौर पर सत्ता की भागदौड़ संभाली। हालांकि, वर्ष 1996 के चुनाव में वह हार गईं।

उनके राजनीतिक सफर में एक बड़ा उतार तब आया, जब उनपर आय से ज्यादा संपत्ति का मुकदमा चला। बेंगलुरु की अदालत ने जयललिता को इस मामले में दोषी पाते हुए चार साल की सजा भी सुनाई थी।

 

इन सभी विवादों के बावजूद 2001 में जयललिता ने गैर चुने हुए मुख्यमंत्री के तौर पर फिर से राज्य के मुख्यमंत्री की कमान संभाली। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति को अवैध करार दिया। इसके बाद उनके विश्वासपात्र मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री की कमान सौपी गई।

बाद में मद्रास हाई कोर्ट से राहत की खबर आने के बाद वह मार्च 2002 में फिर से मुख्यमंत्री बनीं। जयललिता ने गरीबों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की, जिस कारण वह आम जनता के बीच लोकप्रिय रहीं।

 

गरीबों के लिए सस्ता अनाज, सस्ते में पेटभर थाली खाना, अम्मा दवा योजना, जैसी योजनाएं लाकर वह गरीबों की मसीह बनकर उभरीं। यही कारण है कि 2011 में एक बार फिर उन्हें राज्य के चुनाव में सफलता हासिल हुई और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वह फिर से काबिज हो गईं।

 

जयललिता की जीवनी पर बनी एक तमिल फिल्म ‘इरूवर’ भी आई थी, जिसमें जयललिता का किरदार ऐश्वर्या राय ने निभाया था।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement