रोज शाम, सैकड़ों पंछी इमारतों की तरफ उड़ के जान दे देते हैं यहाँ

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Updated on 6 Sep, 2017 at 6:37 pm

भारत एक ऐसी धरती है, जो रहस्य के कई परतों में लिपटी हुई है। देश में इसी तरह का एक रहस्यमय स्थान है, जटिंगा। असम के इस छोटे से गांव में रोज शाम ढलते ही सैकड़ों पक्षी इमारतों और ऊंचे पेड़ों की तरफ उड़कर उनसे टकराकर अपनी जान दे देते हैं। यह वाकया आमतौर पर सितम्बर और नवंबर महीने के बीच होता है।

पक्षियों के बारे में कहा जाता है कि वे आत्महत्या नहीं करते, लेकिन जटिंगा में हो रही इस तरह की सामूहिक आत्महत्या की घटनाओं ने वैज्ञानिकों और पक्षी विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में मैग्नेटिक वेव होने की वजह से पक्षी आत्महत्या करने को प्रेरित होते हैं, लेकिन इस बात की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है।

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अब तक की जांच में पता चला है कि यहां आत्महत्या करने वाले पक्षी कहीं दूर-दराज के क्षेत्र से नहीं आते, बल्कि वे स्थानीय ही हैं। अब तक करीब 44 प्रजातियों को आत्मघाती बताया गया है।



वैज्ञानिकों, पक्षी विशेषज्ञों के एक समूह का मानना है कि मानसून और बारिश की वजह से पक्षियों के रहने का स्थान उजड़ जाता है, इसलिए वे विस्थापित हो जाते हैं। दूसरे स्थान पर जाने के क्रम में वह जटिंगा से होकर गुजरते हैं।

लेकिन अब तक यह नहीं पता चल सका है कि वे रात को ही क्यों उड़ते हैं और अपनी जान देते हैं।


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