हल्के ऑटो पार्ट्स के लिए जापान ने खोजा नया विकल्प जो है स्टील से भी मज़बूत

Updated on 17 Aug, 2017 at 10:08 am

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प्रत्येक क्षेत्र की तरह ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी हर रोज़ नए-नए बदलाव होते रहते हैं। पहले के मुकाबले अब वैसी ही हल्की गाड़ियां सड़कों पर दिखने लगी है, लेकिन इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है। इसी का नतीजा है कि जापान अब हल्की कार बनाने के लिए स्टील के बदले लकड़ी के इस्तेमाल की सोच रहा है।

जापानी शोधकर्ताओं और ऑटो पॉर्ट्स बनाने वालों के मुताबिक लकड़ी के बुरादे (वुड पल्प) से बने मटेरियल स्टील से 5 गुणा हल्के, लेकिन पांच गुणा मज़बूत होंगे। इस मटेरियल को सेलुलोज़ नैनोफाइबर्स कहते हैं। क्योटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता टोयोटा के पार्ट्स सप्यालयर डेन्सो कॉर्प के साथ मिलकर इस परियोजना पर काम कर रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक गाड़ी का वज़न कम करना बहुत चुनौतीपूर्ण काम है। आजकल मैनुफेक्चर्स इलेक्ट्रिक कार बनाने लगे हैं, जो बैटरी से चलती है। ऐसी कार में वज़न कम करने के लिए बैटरी की संख्या घटाई जा सकती है।

जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा के अधिकारी मानते हैं कि कंपनी के लिए वज़न हमेशा से मुख्य मुद्दा रहा है, लेकिन इसके साथ ही लागत घटाने पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।


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जहां तक सेलुलोज़ नैनोफाइबर्स की बात है तो यह लकड़ी के छोटे टुकड़ों से बनता है। वैसे तो सेलुलोज़ नैनोफाइबर्स का इस्तेमाल कई उत्पाद में किया जाता है, लेकिन कार में इसका इस्तेमाल क्योटो प्रोसेस के ज़रिए होगा।

फिलहाल ऑटोमाबाइल बनाने वाली कंपनियां कम वज़न वाली गाड़ियों के निर्माण के लिए अन्य विकल्प का इस्तेमाल कर रही हैं। बीएमडब्लूय अपने i3 कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक कार के लिए carbon fiber reinforced polymers का इस्तेमाल करती है। उम्मीद की जा रही है कि अब हल्की कार बनाने के लिए स्टील के बदले लकड़ी के इस्तेमाल किया जा सकेगा।

 

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